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कलेक्टर ने नाराजगी जताई : कहीं आंगनबाड़ी बंद तो कहीं बच्चे नहीं आ रहे, कलेक्टर बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं करुंगा

महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों से कलेक्टर जनमेजय महोबे खासे नाराज हैं। कलेक्टोरेट में शुक्रवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने कहा कि वनांचल क्षेत्र दलदली, कुकदूर, चिल्फी, रेंगाखार जंगल सहित अन्य वनांचल क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले, तो कहीं केंद्र खुले जरूर थे लेकिन वहां योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं नहीं पाया। निरीक्षण पंजी में भी किसी अधिकारियों का टीप भी नहीं मिला। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए सीडीपीओ और संबंधित पर्यवेक्षक अधिकारियों को निरंतर अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी का निरीक्षण करने हिदायत दी।

योजनाओं के क्रियान्वयन का गंभीरता से मॉनिटरिंग करने कहा। साथ ही चेतावनी भी दी कि इस बार यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी या खामियां मिली, तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सीडीपीओ और पर्यवेक्षक अपने कार्य क्षेत्र के प्रत्येक गांव की महिला पंच, कोटवार, सचिव, स्वास्थ्य मितानिन, पटवारी के संपर्क में रहने कहा। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद तिवारी समेत सभी सेक्टर प्रभारी और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।                                                                                   बैठक में सेक्टरवार एक-एक आंगनबाड़ी केंद्रों की जानकारी ली गई। सुपरवाइजरों ने बताया कि उनके पास दो से अधिक सेक्टर का प्रभार है। इस पर कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने सुपरवाइजरों को युक्तियुक्त करण करने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने वनांचल क्षेत्र विशेष तौर पर चिल्फी, तरेगांव जंगल और कुकदूर सेक्टर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने निर्देश दिए हैं। वनांचल क्षेत्रों में अगर बच्चे व गर्भवती, शिशुवती महिलाएं आंगनबाड़ी तक नहीं आ पा रहे हैं, तो सुपोषण के लिए उनके घर पर गरम पका भोजन पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने कहा है।

बैठक में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की प्रगति, परियोजना अधिकारियों के अग्रिम विजिट भ्रमण सहित, सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण ट्रैकर एप, पोषण पुनर्वास केंद्र, गर्भवती एनीमिक एवं कुपोषित बच्चों को गरम भोजन प्रदाय की स्थिति और आवंटन व खर्च की जानकारी ली गई।कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण अभियान के मीनू का पालन करने निर्देश दिए हैं। बच्चों को निर्धारित समय सुबह 10 से 11 बजे के बीच नाश्ता और दोपहर 12ः30 बजे से 1 बजे के बीच गरम पका भोजन दें। जिले में 6 एनआरसी संचालित हैं, वहां कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाने के लिए बच्चों को भर्ती कराने कहा है।

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