छत्तीसगढ़ में सालाना 10 हजार टन उत्पादन की तैयारी

बिना ब्याज के कर्ज भी मिलेगा
राज्य सरकार ने लाख की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जिला सहकारी बैंक के माध्यम से लाख फसल ऋण निःशुल्क ब्याज के साथ देने की व्यवस्था की है। इसके तहत लाख पालन करने के लिए पोषक वृक्ष कुसुम पर 5 हजार रुपए, बेर पर 900 रुपए और पलाश पर 500 रुपए प्रति पेड़ की ऋण सीमा निर्धारित है। लाख पालन के वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए कांकेर में एक प्रशिक्षण केन्द्र भी खोला गया है। इस केन्द्र में तीन दिन का प्रशिक्षण और किसी लाख उत्पादन क्लस्टर में ऑनफार्म प्रशिक्षण भी दिया जाता है अधिकारियों ने बताया, 20 जिला यूनियनों में तीन से पांच प्राथमिक समिति क्षेत्र को जोड़ते हुए लाख उत्पादन क्लस्टर बनाया गया है। इसके तहत प्रत्येक लाख उत्पादन क्लस्टर में सर्वेक्षण कर कृषकवार बीहन लाख की मांग की जानकारी ली जा रही है। इनमें कृषकों को संघ द्वारा निर्धारित मूल्य पर बीहन लाख देने के लिए आवश्यक कुल राशि को अग्रिम रूप से जिला यूनियन खाते में जमा कराना होगा। इसके तहत कुसुमी बीहन लाख के लिए कृषकों को 15 दिसंबर तक पूरी राशि संघ के खाते में जमा करनी होगी। अधिकारियों ने बताया, रंगीनी बीहन की समयसीमा 15 नवम्बर को ही खत्म हो चुकी है। बड़ी संख्या में किसानों ने यह लाख बीहन लिया है।



