वेटनरी डॉक्टर ने किया फर्जीवाड़ा:इंश्योरेंस कंपनी का फर्जी कागजात बनाकर उद्यमियों को बांट दिया, धोखाधड़ी का केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पशु चिकित्सा विभाग में डेयरी उद्यमिता योजना के तहत गायों के बीमा करने में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। विभाग के वेटनरी डॉक्टर ने उद्यमियों को दिए गए गायों का फर्जी बीमा प्रमाण पत्र बांट दिया। गाय की मौत होने पर जब बीमा क्लेम किया गया, तब पूरी गड़बड़ी का खुलाासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले वेटनरी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
पशु चिकित्सा विभाग ने साल 2016 में डेयरी उद्यमिता के लिए उद्यमियों को शासन की योजना के तहत गाय खरीदी करने के लिए अनुदान राशि दी थी। योजना के अनुसार अलग-अलग उद्यमियों को एक लाख 50 हजार रुपए तक अनुदान के साथ बैंक लोन की सुविधा भी दी थी। इस दौरान उद्यमियों को दिए जाने वाले गायों का बीमा भी कराना था। ताकि गाय के मरने पर उद्यमी क्लेम कर क्षतिपूर्ति की राशि प्राप्त कर सके। लेकिन, पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में पदस्थ वेटनरी डॉक्टर बीपी सोनी ने योजना के तहत दिए गए गायों का फर्जी तरीके से बीमा कर दिया था। उन्होंने बीमा कंपनी के नाम से कूटरचित दस्तावेज तैयार किया और प्रमाणपत्र बनाकर उद्यमियों को बांट दिए। इसके एवज में बीमा की राशि भी वसूल लिया।



