छत्तीसगढ़ विशेषरायपुर जिला

उल्टे हाथों से इतने अच्छे अक्षर बिखेरती है, दुर्लभ बीमारी लेकिन, आसमान छूने का हौसला,

रायपुर: दीनदयाल ऑडिटोरियम में बाल दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें शामिल होने के लिए प्रदेशभर से प्रतिभावान स्कूली बच्चे पहुंचे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बिलासपुर जिले के ग्राम कोरबी से भी वसुंधरा कोर्राम नाम की दिव्यांग छात्रा पहुंची। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस छात्रा की प्रतिभा को देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए|

वसुंधरा जन्म से ही दिव्यांग है और चलने-फिरने में मजबूर है। इसकी दोनों हथेलियां उल्टी (जमीन की तरफ घूमी हुई) है। अपनी इस कमजोरी के सामने हार मानने के बजाय वसुंधरा ने इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। उल्टी हथेलियों की उंगलियों के बीच पेन पकड़कर वसुंधरा जब सुंदर हैंडराइटिंग में लिखती है, तो बाकी लोग भी हैरान रह जाते हैं। कागज पर मोतियों के दानों जैसे सुंदर अक्षरों की बदौलत छात्रा ने कई हैंडराइटिंग कॉम्पीटिशन भी अपने नाम किए हैं।

रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वसुंधरा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए अपने हाथों से बाल दिवस की बधाई का शुभकामना संदेश लिखा। छात्रा के पिता लक्ष्मण सिंह ने बताया कि डॉक्टर्स का कहना है कि उनकी बेटी का इलाज नहीं हो सकता। 100 प्रतिशत दिव्यांग इस बच्ची को खाने-पीने में भी दिक्कत होती है। माता-पिता और भाई-बहन उसका सहयोग करते हैं। दिव्यांग छात्रा वसुंधरा पढ़ाई-लिखाई में भी अव्वल है। वो आगे चलकर ऑफिसर बनना चाहती है।

आर्थ्रोग्रोपियोसिस मल्टीप्लेक्स कांगेनिटा (एएमसी) एक ऐसी स्थिति है, जिसके कारण नवजात शिशु जन्म के समय कठोर, टेढ़े और सिकुड़े हुए जोड़ों का कारण बनता है, जिससे एक से अधिक जोड़ों (हाथ, पैर, कूल्हे, घुटने, कोहनी, कंधे) में गति की सीमा का नुकसान होता है। कलाई, हाथ की उंगलियों, पैर की उंगलियों, जबड़े और रीढ़ में टेढ़ापन होता है। संयुक्त गतिशीलता की यह कमी कई बच्चों में देखी जाती है।

साइंस कॉलेज परिसर स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित बाल दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने बच्चों से कहा कि खेल और पढ़ाई दोनों ही जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। आप लोग खूब पढ़िये, खूब खेलिये और समय का सदुपयोग करिये। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों द्वारा ही किया गया। कार्यक्रम में सीएम ने ‘सुग्घर पढ़वैया’ और ‘लइका मन के गोठ’ पुस्तकों का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं गीत और कराटे का भी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के 4 प्रतिभाशाली बच्चों राकेश कुमार, संजना बांधे, दीपिका ठाकुर और विद्या राजपूत को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इच्छा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। एजुकेशन फील्ड में कई काम किए जा रहे हैं, जिसके बेहतर परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।

बाल दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑडिटोरियम में प्रदर्शनी भी लगाई। प्रदर्शनी में बालवाड़ी के माध्यम से बच्चों को सिखाना, बहुमुखी प्रतिभाशाली बच्चों का प्रस्तुतीकरण, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, बच्चों द्वारा कुशल वाचन, मौखिक गणित का प्रदर्शन, खिलौनों से सीखना, व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत बच्चों द्वारा तैयार सामग्री प्रदर्शन, विभिन्न कौशल में बच्चों का प्रस्तुतीकरण, गणित एवं विज्ञान क्लब के माध्यम से गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट योजना अंतर्गत अंग्रेजी हिंदी माध्यम स्कूलों के बच्चों ने कई गतिविधियों का प्रदर्शन किया। बच्चों ने स्थानीय भाषा में शिक्षा एवं संविधान से परिचय जैसे विषयों पर स्टॉल भी लगाए। इनका नेतृत्व भी बच्चों ने ही किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाल दिवस पर अपने निवास कार्यालय में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उनके विचारों, व्यक्तित्व और कृतित्व पर ‘नेहरू का भारत डॉट कॉम’ http://nehrukabharat.com वेबसाइट का भी लोकार्पण किया। पंडित नेहरू के विचारों और उनके ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ से आम जनता को परिचित कराने और जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘पॉलिसी एनालिसिस, रिसर्च एंड नॉलेज फाउंडेशन’ (पार्क फाउंडेशन) ने यह वेबसाइट तैयार कराई है। इसके अंतर्गत डिजिटल पाक्षिक बुलेटिन भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस वेबसाइट में पंडित नेहरू, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और स्वतंत्रता संग्राम पर सत्य और तथ्यात्मक जानकारियां उपलब्ध होंगी।

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