मुआवजा नहीं मिला तो दो घंटे किया चक्काजाम:15 दिनों में मांग पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए ग्रामीण

पामगढ़ में गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक के नेतृत्व में लंबित मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावितों ने चक्काजाम आंदोलन किया। आक्रोशित प्रभावितों ने सड़क परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बाधित रखा। करीब दो घंटे बाद एसडीएम ने 15 दिनों में मुआवजा भुगतान कराने के आश्वासन दिया तो प्रदर्शनकारी शांत हुए और ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य हो सकी।
तीन साल से लंबित भू-अर्जन मुआवजा व जर्जर सड़क के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर पामगढ़ विधायक इंदू बंजारे के नेतृत्व में बसपा कार्यकर्ता और ग्रामीण गुरुवार को सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 2017-18 में उनकी जमीन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित हुई थी। तत्कालीन सरकार को किसानों की जमीन अधिग्रहित करने के बाद करीब 17 करोड़ 40 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाना है। इसका भुगतान बीते तीन सालों में नहीं किया गया।
मुआवजा पाने के लिए ग्रामीण छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के चक्कर भी लगा चुके हैं। स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों का अब तक कोई समाधान नहीं किया है। ऐसे में प्रभावितों ने 16 अगस्त को पामगढ़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग पूरी नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी थी। तय समय समाप्त होने के बाद सभी प्रभावित सड़क पर बैठ गए और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 2 घंटे तक चले चक्काजाम के बाद एसडीएम करूण डहरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावितों को सुना और 15 दिनों में शासन से बात चीत कर मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर आंदोलन समाप्त हुआ।



