सहकारिता मंत्रियों का सम्मेलन : कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम भी शामिल हुए

रायपुर. दिल्ली में देश भर के सहकारिता मंत्रियों का सम्मेलन शुरू हो गया है.जिसमें छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम भी शामिल हुए हैं. नई दिल्ली विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की उपलब्धियों और पहल के संबंध में आयोजित किया गया है.
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री प्रेमसाय टेकाम ने कहा कि प्रदेश में सहकार से समृद्धि के बारे में बात रखूंगा. साथ ही , जिसे सम्मेलन में दिखाया जाएगा. ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संबंधित राज्य क्षेत्रों की ओर से प्रस्तुति किया जाएगा|
गोधन न्याय योजना
मंत्री ने सम्मेलन में बताया कि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन सहकारिता के जरिए किया गया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य देश में गोबर खरीदी करने वाला पहला राज्य है. गोधन न्याय योजना को जुलाई 2020 से प्रारंभ किया गया है. अगस्त 2022 तक 79 लाख क्विंटल गोबर, जिसका मूल्य 158 करोड़ है, खरीद कर 2.52 लाख गोबर विक्रेताओं को राशि भुगतान की गई है. गौठानों में ही वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाकर किसानों को वितरण किया जा रहा है. जिससे इस योजना में किसानो को जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ने और जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ ही रासायनिक खाद पर निर्भरता भी कम होगी.
शक्कर उत्पादक कारखाना
राज्य के भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्या० कवर्धा परिसर में सहकारिता के क्षेत्र में देश के अपने तरह के पहले पीपीपी मोड पर एथेनॉल प्लांट की स्थापना का निर्णय शासन ने लिया है. पीपीपी मोड में सहकारिता को सम्मिलित किए जाने के लिए अधिनियम में संशोधन किया गया.
गन्ना किसानों की आर्थिक सहायता
राजीव गांधी किसान न्याय योजनांतर्गत गन्ना पेराई सीजन 2019-20 में 93.75 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 34292 किसानों को राशि रू. 74.24 करोड़ का एफआरपी के अतिरिक्त भुगतान किया गया. इस तरह प्रदेश में गन्ना किसानों को गन्ना पेराइ सीजन 2019-20 में 355.00 रू. प्रति क्विंटल के मान से किसानों को गन्ने का दाम मिल रहा है.
कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन धान खरीदी और भुगतान
छत्तीसगढ़ राज्य की मुख्य फसल धान है. राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और सह अभिकर्ता के रूप में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की ओर से धान का उपार्जन किया जाता है. 2020 सहकारी समितियों की ओर से 2,484 धान उपार्जन केन्द्रों में पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन धान खरीदी की व्यवस्था की गई है. सहकारी बैंकों की ओर से पी.एफ.एम.एस. के जरिए 72 घंटों के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है. धान खरीदी व्यवस्था से हर साल दो लाख से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध होता है



