मंदिरों में विशेष पूजा-आराक्षण के साथ भंडारे का स्थान;श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता का विशेष वक्र | छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाया जा रहा राम जन्मोत्सव, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भंडारा का आयोजन

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रायपुर14 मिनट पहले
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छत्तीसगढ़ में रामनवमी संपूर्ण हर्षोलस और भक्तिभाव से मनाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में रामनवमी संपूर्ण हर्षोलस और भक्तिभाव से मनाई जा रही है। इस क्षेत्र में प्रदेश के अलग-अलग मंदिरों के मंदिरों में रामनवमी पर विशेष रूप से पूजा-पाठ और भण्डार स्थापित किए गए हैं। राजधानी रायपुर में भी श्रीराम-सीता के मंदिरों में पूजा-आरा के बाद दुकानदारों का आकलन किया जा रहा है।
रायपुर के प्राचीन दूधाधारी मठ में भी रामनवमी के अवसर पर विशेष रूप से पूजा-अर्चना की गई। इस मठ में श्रीराम, सीता, लक्ष्मण के साथ ही भरत एवं शत्रुघ्न भी एक ही गर्भगृह में प्रतिष्ठापित हैं। यहां दोपहर 12 बजे रामलला का जन्म हुआ। रामनवमी के चित्र श्रीराम, लक्ष्मण और मां सीता के चित्र विशेष रूप से उकेरे गए हैं। दुग्धधारी मठ 1554 में निर्मित हुआ था।

रायपुर स्थित दूधाधारी मठ में ग्राहकों की उमड़ी भीड़।
इसके अलावा रामनवमी पर भगवान राम के ननिहाल और मां कौशल्या मंदिर चंदखुरी में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है। यहां भक्तों ने पूजा- आराधना कर अपना मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना की। यहां राम जन्मोत्सव के स्मारकों पर भव्य तैयारियां की गई हैं। इस मंदिर में भगवान भांजे के रूप में पूजे जाते हैं। यहां इकलौती ऐसी प्रतिमा है, जिसमें भगवान राम अपनी मां कौशल्या की गोद में बैठे हुए बाल रूप में दिखाए गए हैं।

मां कौशल्या मंदिर चंदखुरी में भी रामनवमी के दृश्यों पर विशेष पूजा-आराक्षण।
श्रीराम की भक्ति में डूबा बिलासपुर शहर, जय श्रीराम के लग रहे जयकारे
बिलासपुर में श्री रामनवमी महोत्सव की धूम है। लोग अपने-अपने घरों में भक्तिभाव के साथ श्रीराम जन्मोत्सव मना रहे हैं। इसके साथ ही शहर के श्रीराम मंदिर, व्यंकटेश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से विशेष भगवान और पूजा-आराण कर भजन-कीर्तन का दौर चलता है। ठीक दोपहर 12 बजे प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ और उसके बाद बैठेकर महाआरती की गई।

बिलासपुर में भी श्री रामनवमी महोत्सव की धूम है।
वहीं श्रीराम जन्मोत्सव की खुशी के साथ रेलवे में दक्षिण भारतीय परंपरा से कल्याणम् (विवाह) होगा। पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित प्रदेश और छत्तीसगढ़ के फूलों से भगवान का अभिषेक होगा। यहां चार दिवसीय राम जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। शोक, प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव को लेकर न्यायी सज चुका है। व्यंकटेश मंदिर से भव्य शोभायात्रा भी निकली।
गरियाबंद की माता रुमी पाठ में रामनवमी पर भीड़
गरियाबंद के छुरा विकासखंड में सोरिड के पहाड़ पर मौजूद माता रमई पाठ मंदिर में भी रामनवमी के लोगों की भीड़ लगी हुई है। मान्यता है कि राम वनवास के दरम्यान यहां श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी तख्ती लिए हुए थे। इस स्थल पर एक आम वृक्ष है, जिसका जड़ से अनवरत जल बहता रहता है। ऐसा माना जाता है कि माता सीता को लगे हुए पन्नों से बचने के लिए लक्ष्मण के तीर से यह जलस्रोत फूटा था। राम और आध्यात्मिक सीता के वनवास के कारण यहां की देवी को रमई मां के नाम से पूजा जाता है। 8वीं शताब्दी से यहां पूजा होने का इतिहास है।

सोरिड के पहाड़ पर मौजूद माता रमई पाठ मंदिर में भी रामनवमी के अनुयायियों की भीड़।
जगदलपुर में धूमधाम से राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है
जगदलपुर शहर में भी हर तरफ रामनवमी का जश्न देखने को मिल रहा है। बुधवार की देर शाम शहर की महिलाओं ने पहली रैली निकाली, फिर रामदरबार पहुंचकर महाआरती की। चैत्र नवरात्र की अष्टमी की रात मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने डीजे की धुन में शहरवासी जमकर झूमते नजर आए। गुरुवार को हजारों लोग भव्य शोभायात्रा निकालेंगे। शक्ति प्रदर्शन भी किया जाएगा। अघोरियों की टीम भस्म के साथ बनारस तक पहुंचकर प्रदर्शन करती है।

राम जन्मोत्सव पर कई जगहों पर कार्यक्रम बनारस से आई अघोरियों की टीम भी प्रदर्शन करती है।
बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर शहर में रामनवमी के जश्न को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम भी सख्त हो गई है। शहर में लगे कुल 160 सीसीटीवी तकनीक से शहर की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

बुधवार की देर रात तक मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने भक्त झूमते नजर आए।
दुर्गा-भिलाई भी हुई राममय, हर घर से मिले अन्न से बने महाप्रसाद
स्टील सिटी भलाई में श्रीराम नवमी के शुभ अवसर पर 30 मार्च को भव्य आयोजन हो रहा है। इस घटना में जहां हर घर से एकत्र किए गए एक ग्रहण अनाज का महाप्रसाद रहता है तो वहीं 1150 से अधिक शोभा यात्राएं संकुचित लेखांकन। यह घटना श्रीराम जन्मोत्सव समिति लगातार 38 साल से मना रही है।

रामनवमी को लेकर शहर के चौक चौराहों को गलत समझा गया। ग्लोब चौक में भी बैनर लगाए गए हैं।
कार्यक्रम में इस बार श्रद्धालुओं के लिए ऑल इंडिया प्लेटिनम आर्टिस्ट अवार्डी प्रमोद साहू द्वारा श्रीराम मंदिर की भव्य लाइव पेंटिंग, आकर्षण स्वचलित माध्यम एवं लाइट एंड साउण्ड शो मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इस स्मारक पर 1150 से अधिक शोभा यात्राएं इस भव्य घटना में शामिल होंगी।
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