छत्तीसगढ़ विशेषदुर्ग जिला

शासकीय कर्मचारी व अधिकारियों की मांग जायज: जितेन्द्र वर्मा

दुर्ग। दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा ने शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा मांगी जा रही केंद्र के समान देय तिथि से 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और सातवें वेतनमान में गृहभाड़ा भत्ता की मांग को जायज बताते हुए पूरा समर्थन दिया है। श्री वर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निरकुंश बताते हुए कहा है कि उन्हें संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मांगो पर अमल करना चाहिए एवं बैठकर बातचीत कर समस्या का हल निकालना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अड़ियलपन का रुख अख्तियार कर लिया है जो की सरासर गलत है। गौरतलब है कि 22 अगस्त से कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं

और आने वाले दिनों में तीजा का त्यौहार है मुख्यमंत्री को मातृशक्ति का सम्मान करना चाहिए। लेकिन जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से जनता अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रही है आम जनता अधिकारी एवं कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। विगत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी और बेरोजगारों को रोजगार देने व 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था लेकिन सरकार खुद शराब बेच रही है

शराबबंदी तो दूर की बात है। बेरोजगार युवा अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं जिसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। श्री वर्मा ने कहा कि वैसे भी कांग्रेस सरकार की देश में क्या स्तिथि है सबको दिख रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं । अभी हाल में ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने पार्टी को अलविदा कह दिया है और कांग्रेस पार्टी राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य में सीमटकर रह गई है जल्द ही कांग्रेस मुक्त भारत का सपना साकार होने वाला है।

आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों राज्यों से बिदाई तय है। जिस राज्य में सरकारी कर्मचारी सरकार से परेशान हैं तो आम जनता का भी आक्रोशित होना लाजिमी है।महिला कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने आवास में पोला व तीज उत्सव की खुशियां मना रहे हैं लेकिन वे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।

यह प्रदेश के मुखिया को शोभा नहीं देता है।श्री वर्मा ने आगे कहा कि डीए और एचआरए नही देने की मंशा अधिकारियों और कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर हनन है। गृहभाड़ा भत्ता स्वीकृति के मामले में राज्य सरकार कर्मचारियों एवं अधिकारियों का आर्थिक शोषण कर रही है। भारतीय जनता पार्टी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के साथ पूरी तरह खड़ी है उनका हक दिलाने के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है।

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