तीन दोस्तों ने मिलकर युवक के पैर और मुंह बांधकर 1200 फीट गहरी खाई में फेंके, जानिए क्या है वजह आप भी हो जाएंगे जानकर हैरान

सूरजपुर में तीन दोस्तों ने 16 साल के लड़के की हत्या कर दी। आरोपी मध्य प्रदेश से लड़के को लेकर आए थे। उससे लूटपाट की, फिर हाथ, पैर और मुंह बांधकर 1200 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। इसके बाद लड़के के पिता को कॉल किया और नक्सली बनकर 10 लाख की फिरौती मांगी। मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का मास्टरमाइंड लड़के का ही दोस्त निकला। लाइफ स्टाइल से इंप्रेस होकर उसने साजिश रची थी।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के सिंगरौली में विंध्यनगर क्षेत्र के सिम्पलेक्स कॉलोनी निवासी अरमान रकीब अहमद 16 बाइक लेकर बाजार के लिए निकला था। इसके बाद देर रात तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने कॉल किया तो नंबर भी बंद था। इस पर परिजन उसे रिश्तेदारों, दोस्तों और मिलने वालों के पास तलाश करते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
अरमान के नंबर से पिता के पास आया फिरौती वाला कॉल
युवक के लापता होने के 2 दिन बाद उसी के मोबाइल से पिता के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को नक्सली बताया और 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। साथ ही रुपए नहीं देने पर युवक की हत्या कर शव बोरे में भेजने की धमकी दी। इस पर युवक के पिता ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिरौती का कॉल आने पर पुलिस ने शहर के CCTV फुटेज से जांच शुरू की। इसमें अरमान एक युवक के साथ जाता दिखाई दिया।
रुपयों की लालच में रची साजिश
पुलिस ने युवक की तस्दीक की तो पता चला कि वह सिंगरौली के ग्राम सरसवाह लाल निवासी श्याम कार्तिक है। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में श्याम शाम ने लूट और हत्या की बात स्वीकार कर ली। बताया कि रुपयों की लालच में रिश्तेदार और दोस्त के साथ किडनैपिंग की साजिश रची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रविवार को सूरजपुर के झनझन कुंड से शव बरामद किया। वह करीब 1200 फीट गहरा है।
सिंगरौली से सूरजपुर लेकर आए थे अरमान को
सिंगरौली एसपी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि अरमान ने श्याम कार्तिक से कट्टा लेने की बात कही थी। इस पर श्याम ने अपने भाई सूरजपुर के बिहारपुर निवासी रामकया कट्टा से दिलवाने की बात कही। फिर अरमान को लेकर सूरजपुर के ग्राम बांका पहुंचा। वहां रामकया के साथ अपने दोस्त सिंगरौली के तियरा बैढ़न निवासी अमरेश बैस को भी बुला रखा था। तीनों अरमान को लेकर झनझन कुंड पहुंचे और मोबाइल, रुपए और बाइक छीनकर कुंड में फेंक दिया।
एक महीने पहले ही आरोपी ने की थी दोस्ती
आरोपियों ने अरमान की बाइक मकरोहर के जंगल में छिपा दी थी। अरमान के पिता रकीब अहमद कोल ब्लॉक के आउटसोर्सिंग कंपनी में काम करते हैं। अरमान तीन बहनों का इकलौता भाई था। माता-पिता उसकी हर जिद पूरी करते थे। श्याम ने जब उसे महंगी बाइक, मोबाइल और खर्चे देखे तो एक माह पहले दोस्ती की। दोनों साथ में घूमने-फिरने लगे। वारदात के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मां और बहन कह रहे हैं कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए



