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कवर्धा : कलेक्टर ने जन चौपाल में प्राप्त आवेदन को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता से निराकरण करने के दिए निर्देश

कवर्धा। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक में जन चौपाल में लंबित प्रकरणों की गहनता से समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों पर नराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जन चौपाल में प्राप्त आवेदन का निराकरण निश्चित समय में होना चाहिए। कलेक्टर महोबे ने कहा कि आम नागरिक छोटी-छोटी समस्या लेकर गांव से कलेक्टोरेट पहुंचते है। उनके शिकायतो और समस्याओं का निराकरण स्थानीय स्तर पर निराकरण होनी चाहिए। उन्हें अपनी समस्याओं को लेकर जिला कार्यालय तक आने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। बैठक में अपर कलेक्टर बी.एस. उइके, जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर सुश्री दिप्ती गौते इंद्रजीत बर्मन, सर्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर महोबे ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के जनचौपाल से विभिन्न आवेदन प्राप्त होते है इन आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए निराकरण करना सुनिश्चित करें। समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों के समस्याओं और राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने के लिए विकासखंडों स्तर में जन चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए है। जनचौपाल की जानकारी भी लोगो को होनी चाहिए इसके लिए स्थानीय स्तर पर मुनादी कराई जाए। जन चौपाल में प्राप्त आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने प्रधानमंत्री पोर्टल, मुख्यमंत्री जन चौपाल, माननीय मंत्रियों से प्राप्त लंबित आवेदनों के संबंध में अधिकारियों से वन-टू-वन पढ़कर उसकी कार्यवाही की जानकारी ली और निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर त्वरित जांच कर निराकरण करें। जिन आवेदनों का निराकरण हो चुका है उसका ऑनलाइन एंट्री करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में कोविड मरीजों की जानकारी लेते हुए कोविड जांच और वैक्सिनेशन बढ़ाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने बैठक में राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना, गोधन न्याय योजना, गौठान संचालन, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री धनवंतरी योजना सहित राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के संबंध में विस्तार से समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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