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मुहर्रम की 10वीं तारीख कल, जानिए क्यों मनाया जाता है अशुरा, क्या है इसका महत्व

मुहर्रम की 10वीं तारीख है. इस्लामिक कैलेंडर में ये नया साल माना जाता है. इस साल मुहर्रम की शुरुआत 31 जुलाई से हुई. वहीं मुहर्रम की 10वीं तारीख जिसे यौम-ए-आशुरा कहा जाता है, ये इस्लाम का प्रमुख दिन होता है. कहा जाता है कि मुहर्रम के महीने में हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी. हजरत इमाम हुसैन इस्लाम के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे थे. हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाते हैं, जिसे आशुरा कहा जाता है|

भारत में आशूरा 09 अगस्त दिन मंगलवार को होगा पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी आशुरा 09 अगस्त को होगा. वहीं सऊदी अरब, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, बहरीन और अन्य अरब देशों में मुहर्रम की शुरुआत 30 जुलाई से हुई थी, जिसकी वजह से वहां पर आशुरा 8 अगस्त को है.

क्यों बनाया जाता है ताजिया ?

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार करीब 1400 साल पहले अशुरा के दिन इमाम हुसैन का करबला की लड़ाई में सिर कलम कर दिया गया था और उनकी याद में इस दिन जुलूस और ताजिया निकालने की मान्यता है. अशुरा के दिन तैमूरी रिवायत को मानने वाले मुसलमान रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजिया को ठंडा कर शोक मनाते हैं. कहा जाता है कि इराक में हजरत इमाम हुसैन का मकबरा है, उसी मकबरे की तरह का ताजिया बनाया जाता है और जुलूस निकाला जाता है

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