राष्ट्रपति से पुरस्कृत शिक्षक सीपी साहू का निधन:जिस मेडिकल कॉलेज में बेटा बहू प्रोफेसर, वहीं किया देहदान

खरसिया के करूमौहा गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक चमरू प्रसाद साहू का बुधवार देर रात निधन हो गया। वे 77 साल के थे। परिजन ने उनकी इच्छा के मुताबिक गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को दान किया। प्रख्यात शिक्षक रहे सीपी साहू क्षेत्र में लोकप्रिय थे।
कृषक परिवार में जन्म लेने वाले साहू के पुत्र डॉ. त्रिभुवन साहू अंचल के नामचीन स्त्री रोग विशेषज्ञ और बहू डॉ. जया साहू ईएनटी सर्जन हैं। दोनों रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में असोसिएट प्रोफेसर हैं। सीपी साहू ने कुछ साल पहले ही इच्छा जताई थी कि निधन के उपरांत उनका शरीर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए। वे चाहते थे कि जिस तरह उनका बेटा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर रहा है वैसे ही कॉलेज के छात्र भी अच्छे और कुशल डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करें। साहू पिछले कुछ दिनों से बीमार थे, इस दौरान भी उन्होंने परिजन से देहदान की बात कही थी। बुधवार को उनके निधन के बाद परिजन ने मृत्योपरांत संस्कार पूरे किए और गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज के सुपूर्द किया। उल्लेखनीय है कि नटवर स्कूल के छात्र रहे चमरू प्रसाद को शिक्षक रहते हुए जनगणना में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति के हाथों प्रशस्ति पत्र मिल चुका है।



