राजनांदगांव जिला

जिला बनाने की मांग तेज:डोंगरगढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर सक्रिय नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन

प्रदेश में नए जिलों की घोषणा के बाद डोंगरगढ़ को भी जिला बनाने की मांग तेज हो रही है। गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा के नेतृत्व में नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। डोंगरगढ़ के नागरिक लंबे समय से जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं। किंतु राजनांदगांव से पहली बार मानपुर-मोहला-चौकी को नवीन जिला की घोषणा हुई है। लेकिन डोंगरगढ़ की फिर से उपेक्षा हुई है। इसलिए जिला बनाने की मांग को लेकर फिर से संघर्ष शुरू किया जाएगा।

आंदोलन के पहले चरण में ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया गया है। मांग के बाद शासन की ओर से जवाब नहीं मिलने पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। डोंगरगढ़ महाराष्ट्र बॉर्डर से लगा हुआ है तथा वनांचल गांव के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए 80 किलोमीटर तय करना पड़ता है। छुरिया ब्लॉक मुख्यालय से डोंगरगढ़ की दूरी महज 22 किलोमीटर ही है। ऐसे में छुरिया भी डोंगरगढ़ में शामिल हो सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान नेता प्रतिपक्ष अमित छाबड़ा, पार्षद राजेश गजभिये, राकेश अग्रवाल, डी एकेश राव, अनिता लोकेश इंदुरकर, कमलेश धमगाये, शालिनी ताम्रकार समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

तत्कालीन पालिका अध्यक्ष ने भी उठाया मुद्दा: 2015 में तत्कालीन नपाध्यक्ष तरूण हथेल ने शासन को ज्ञापन सौंपते हुए डोंगरगढ़ को जिला बनाने की मांग प्रमुखता से की थी। जिला प्रशासन ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र भेजकर अवगत कराया था। लेकिन जिले का दर्जा नहीं मिला। अब नए सिरे से फिर प्रयास जारी है।

Related Articles

Back to top button