कवर्धा : बीट गार्ड को बनाया बंधक जेसीबी को किया कब्जे में गुस्साए ग्रामीणों को समझाने में पुलिस का छूटा पसीना, जानिए क्या है मामला

कवर्धा। वन विभाग की कैम्पा योजना के तहत की जा रही तालाब की खुदाई में जेसीबी के इस्तेमाल से भड़के ग्रामीणों ने बिट गार्ड को बंधक बना लिया, जेसीबी को कब्जे में ले लिया| बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस बड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर गार्ड को मुक्त कराया, लेकिन जेसीबी अभी भी कब्जे में है| ग्रामीण मशीन से खुदाई के बजाए उन्हें काम दिए जाने की मांग कर रहे हैं|
ग्रामीणों का आरोप है दो माह पूर्व उनके द्वारा कार्य किया जा रहा था, जिसके बाद वन विभाग ने लाखों का नुकसान होने का हवाला देकर काम बंद करा दिया था| दो माह बाद अचानक वन विभाग रातों-रात चोरी-छिपे जेसीबी से तालाब बनाया जा रहा है| इस पर ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बीती रात मौके पर पहुंचे और कार्य को बंद कराते हुए बीट गार्ड ललित दुबे को बंधक बना लिया| ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह काम ग्रामीणों को मिलना चाहिए, अन्यथा काम बंद करे दे|
वहीं तालाब की खुदाई कर रहे जेबीसी के ड्राइवर ने ग्रामीणों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और काम बंद कर दिया| उसके साथ मारपीट शुरू कर दी| जैसे-तैसे ग्रामीणों की चुंगल से निकलकर भागा| पूरी रात जंगल में गुजारनी पड़ी| वहीं ग्रामीण जेसीबी ड्राइवर के आरोप को खारिज करते हुए कहते हैं कि उन्होंने किसी से मारपीट नहीं की है| ड्राइवर झूठ बोल रहा है|
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा और बीट गार्ड को छोड़ने के लिए ग्रामीणों को समझाइश देने लगा| वहीं ग्रामीण वन विभाग के अधिकारी के आने के बाद और उन्हें काम दिए जाने के बाद ही बीट गार्ड को छोड़ने की बात पर अड़े रहे| आखिरकार पुलिस की समझाइश पर ग्रामीणों ने बीट गार्ड को छोड़ दिया, लेकिन जेसीबी को अपने कब्जे में रखते हुए काम मिलने के बाद छोड़ने की बात कही है|
वन विभाग भेज रहा अधिकारी
डीएफओ चूणामणि सिंह का कहना कैम्पा योजना के तहत 8 लाख रुपए की लागत से तालाब बनाया जा रहा है, जहां कुछ ग्रामीणों ने काम को बंद करा दिए है, और जेसीबी को कब्जा में ले लिए है| अधिकारी को भेजने के बाद पूरा मामला पता चलने की बात कही है|



