डॉक्टर की लापरवाही ने छीन ली 3 माह की बच्ची की सांसें

जगदल्ला निवासी यूवक ने अपने तीन माह की बच्ची को टीकाकरण करवाने पड़ोस के गांव के आंगनबाड़ी केंद्र भुरकोनी लेकर गया. जहां पर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक यशवंत चतुर्वेदी बच्ची को पोलियो वैक्सीन, पोलियो ड्रॉप, पेंटावेलेंट वैक्सीन, न्यूमोकोकल कन्ज्यूगेट वैक्सीन , निष्क्रिय पोलियो वायरस वैक्सीन लगाया|
वैक्सीन लगने के कुछ समय बाद यूवक अपनी बच्ची को लेकर घर चला गया. जैसे ही घर पहुंचा तो बच्ची बेहोश हो गई, तब डॉक्टर से संपर्क किया गया. डॉक्टर ने नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाने को कहा, लेकिन वहां पर भी किसी प्रकार का उपचार नहीं किया गया|
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा रेफर कर दिया गया| जहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया. मृत्यु का कारण परिजन कुछ समझ पाते उससे पहले आनन-फानन में पोस्ट मार्टम कर बच्ची को परिजनों को दे दिया| इस बात की भनक जब मीडिया को लगी तो स्थानीय बीएमओ डॉ तारा अग्रवाल मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रही हैं|
इस मामले में परिजन ओवरडोज वैक्सीन और डॉक्टर की लापरवाही की वजह से मासूम बच्ची की मृत्यु होने का अंदेशा जता रहे हैं| हालांकि इस मामले में कुछ भी कह पाना अभी संभव नहीं है| मृत्यु का कारण पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा की मृत्यु वेक्सीन से हुई है या डॉक्टर की लापरवाही की वजह से हुई है|



