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सीएम भूपेश को नही रास आया पीएम का फैसला,कहा-गांधी-नेहरू इस लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक हैं

रायपुर । राजधानी नई दिल्ली में स्थित नेहरू-गांधी परिवार की विरासत नेहरू संग्रहालय यानी द नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम अब ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ होगा. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो तीन मूर्ति भवन पर बने इस ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर किया जाएगा. हालांकि नाम बदलने को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल इन भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा है.

भूपेश बघेल ने किया ट्वीट
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से नेहरू संग्रहालय का नाम बदलने के फैसले पर विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा हैं. सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए लिखा है, कि “जो खुद की लकीर बड़ी नहीं कर पाते, वो दूसरों की लकीर मिटाने की कोशिश करते हैं. लेकिन अज्ञानतावश उनकी आत्ममुग्धता और संकीर्ण सोच इन्हें यह एहसास नहीं होने देती कि लकीर मिटाने से उनके योगदान के निशान नहीं मिटते. गांधी-नेहरू इस लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक हैं.

पहले पीएम नेहरू की याद में बना संग्रहालय
बता दें कि नेहरू मेमोरियल संग्रहालय की स्थापना जवाहरलाल नेहरू की याद में की गई थी. जिस संस्था ने इसकी स्थापना की थी, वह भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के नियंत्रण में आती है. नेहरू मेमोरियल संग्रहालय आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के आधिकारिक बंगले, तीन मूर्ति भवन में बना हुआ है.

अब तक नेहरू संग्रहालय में केवल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी यादों को रखा गया है. लेकिन अब पीएम के इस फैसले के बाद देश के 14 प्रधानमंत्रियों से जुड़ी यादों को अब इस संग्रहालय में जगह दी जाएगी. जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने भाजपा सांसदों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ”हमारे तो एक ही हैं, बाकी उनके हैं …वह किसी भी दल के रहे हों, फिर भी हमने पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को सम्मान दिया है. हमें दलगत भावना से ऊपर उठकर सभी प्रधानमंत्रियों का सम्मान करना चाहिए. आप सभी को यहां जाना चाहिए.

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