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जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिया बच्चों से भिक्षावृत्ति नषावृत्ति व बाल श्रम कराने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देष

कवर्धा, 30 मई 2020। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता मे किषोर न्याय (बालकों के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित जिला बाल संरक्षण समिति एवं जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष मे किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया की महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम का संचालन किषोर न्याय (बालको के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत किया जा रहा है इस कार्यक्रम में देखरेख एवं संरक्षण की जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार कर सुरक्षा संरक्षण प्रदान करते हुए समाज के मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनका संस्थानिकरण एवं पुनर्वास किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने किषोर न्याय (बालकों के देखेरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए एकीकृत बाल संरक्षण योजना, किषोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति में प्राप्त प्रकरणो बाल देखरेख संस्था शासकीय बालगृह, विषेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण, क्रेडल बेबी रिसेप्षन सेंटर एवं चाईल्ड लाईन 1098 के कार्यो का विस्तृत जानकरी दी गई जिसका समिति द्वारा समीक्षा किया गया।
  कलेक्टर शर्मा द्वारा जिले में बाल भिक्षावृत्ति, नषावृत्ति, बाल श्रम के प्रभावी रोकथाम के लिए पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, षिक्षा विभाग, नगरीय प्रषासन विभाग समाज कल्याण विभाग एवं चाईल्ड लाईन की टीम बनाकर विषेष अभियान चलाते हुए ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उनके नियोजकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने निर्देष दिया गया। किषोर न्याय (बालकों के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 75, 76, 77, 78 एवं 85 में बालक के प्रति क्रुरता, भीख मांगने के लिये बालक का नियोजन, बालक को मादक लिकर या स्वापक औषधि या मनः प्रभावी पदार्थ देने के लिए शास्ति, निःषक्त बालको पर किए गए अपराध के लिये पांच लाख तक अर्थदण्ड व सात से दस वर्ष तक कारावास या दोनो से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला षिक्षा अधिकारी, उप संचालक समाज कल्याण विभाग, श्रम पदाधिकारी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति एवं किषोर न्याय बोर्ड के सामाजिक सदस्य, विषेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण, चाईल्ड लाइन, शासकीय बालगृह, सखी वन स्टाप सेंटर एवं आईसीपीएस के अधिकार-कर्मचारी उपस्थित थे।

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