छत्तीसगढ़ विशेषदुर्ग जिला

BSP कर्मचारियों में आक्रोश:बोरिया गेट को सुबह 1 घंटें के लिए जाम कर दिया, प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, 30 जून को काम बंद करने का ऐलान

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में पिछले चार वर्षों से लंबित वेतन समझौते के खिलाफ सेल व्यापी हड़ताल के तहत बोरिया गेट संयुक्त यूनियन के कार्यकर्ताओं के द्वारा सुबह 8 से 9 बजे तक जाम कर दिया गया। सभी यूनियन के द्वारा वेतन समझौता नहीं होने पर काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें BSP के ठेका श्रमिक भी शामिल हुए।

इस प्रदर्शन में एटक एचएमएस सी-2 बीएमएस 12 इस्पात श्रमिक मंच स्टील वर्कर्स यूनियन लोकतांत्रिक इस्पात मजदूर संघ के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सुबह से ही बोरिया गेट में काले झंडे दिखाकर वेतन समझौता नहीं होने के कारण जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

BSP के कर्मचारियों ने बोरिया गेट पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
BSP के कर्मचारियों ने बोरिया गेट पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

BSP के कर्मी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए, और अपने काम पर जाने से पहले कर्मियों के द्वारा काला बिल्ला लगाकर अंदर प्रवेश किया। संयुक्त यूनियन के पदाधिकारी ने बताया कि 29 जून को एक दिवसीय भूख हड़ताल इक्विपमेंट चौक पर की जाएंगी।

13 कर्मियों का सस्पेंशन वापस हो, वेतनवृद्धि की मांग
ठेका यूनियन सीटू के महासचिव योगेश सोनी ने बताया कि हम सेल प्रबंधन से 15 प्रतिशत एमजीबी मांग रहे हैं। लेकिन 13 प्रतिशत एमजीबी तय हुआ है। जिसका हम विरोध करते हैं। वहीं 35 प्रतिशत पर्क्स मांग रहे हैं। ताकि वेतनवृद्धि हो सकें। वहीं कर्मियों के पेंशन में 9 प्रतिशत योगदान प्रबंधन का होना चाहिए।

इसके अलावा पिछले दिनों टूल डाउन के दौरान 13 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। उनका सस्पैंशन रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई तक अलग-अलग माध्यम से प्रदर्शन किया जाएगा। 30 जून को काम बंद करके सभी कर्मचारी प्रदर्शन का हिस्सा होंगे। प्रबंधन द्वारा दिए गए फॉर्मेट पर विचार करना संभव नहीं है, क्योंकि कर्मियों की मांग और प्रबंधन के प्रस्ताव में भारी अंतर है।

60 प्रतिशत काम ठेका श्रमिकों के भरोसे- जमील अहमद
ठेका यूनियन के अध्यक्ष जमील अहमद ने बताया कि BSP साहित सेल की तमाम इकाइयों में लगभग 60 प्रतिशत कार्य ठेका मजदूरों से लिया जा रहा है। एक ओर जहां नियमित कर्मियों के वेतन समझौता होने को है, वही नियमित कर्मियों के बराबर का काम करने वाले ठेका श्रमिको के वेतन में वृद्धि को अनदेखा नहीं किया जा सकता, ठेका श्रमिकों को भी जीने योग्य वेतन पाने का अधिकार है। ठेका श्रमिकों के वेतन में वृद्धि की जानी चाहिए।।

Related Articles

Back to top button