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अब एक साथ 5 ग्रह रहेंगे वक्री, राशि अनुसार क्या करें और क्या न करें

गुरुवार, 14 मई की रात गुरु ग्रह वक्री हो गया है। इससे पहले शनि और शुक्र भी वक्री हो चुके हैं। राहु-केतु हमेशा वक्री रहते हैं। इस तरह अब नौ में से पांच ग्रह वक्री हो गए हैं। गुरुवार रात में ही सूर्य ने भी राशि बदली है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ग्रहों की स्थितियां बदलने से राशि अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो इन ग्रहों के अशुभ असर से बचा जा सकता है। जानिए राशि अनुसार किन बातों का ध्यान रखें…

> मेष, कर्क, तुला, मकर, कुंभ राशि के लोगों को सफलता मिल सकती है, लेकिन लापरवाही से बचना होगा। अन्यथा बने-बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं।

> वृष, कन्या, वृश्चिक राशि के लिए थोड़ा कठिन समय रह सकता है। इन लोगों को धैर्य से काम लेना होगा। वरिष्ठ लोगों से परामर्श लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। मानसिक तनाव से बचें।

> मिथुन, सिंह, धनु और मीन राशि के लोगों को अपनी मेहनत के अनुसार फल मिलने के योग बन रहे हैं। इसीलिए आलस्य बचें, सतर्क रहकर काम करते रहें। छोटी सी गलती भी बड़ा नुकसान करवा सकती है।

ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए रोज सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु को पीले वस्त्र चढ़ाएं। हनुमानजी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

ग्रहों के वक्री होने का अर्थ

ज्योतिष में ग्रहों की दो स्थितियां बताई गई हैं। एक मार्गी और दूसरी वक्री। मार्गी में ग्रह सीधा चलता है यानी आगे बढ़ता है। जबकि वक्री स्थिति में ग्रह टेढ़ा या उल्टा चलता है यानी पीछे की ओर चलने लगता है।

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