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सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून 2020 से 15 अगस्त 2020 तक पूर्ण निषिद्ध

कवर्धा 12 मई 2020। वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश की वृद्धि (प्रजनन) के दृष्टिकोण से उन्हे संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा-3 उपधारा-2 (दो) के तहत 16 जून 2020 से 15 अगस्त 2020 तक को “बंद ऋतु“ (क्लोज सीजन) के रूप मे घोषित किया गया है।
मछली पालन विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त नदियों, नालों तथा छोटी नदियां और उनकी सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब तथा जलाशय (छोटे-बड़े) जो भी निर्मित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून 2020 से 15 अगस्त 2020 तक पूर्ण निषिद्ध रहेगा। इन नियमों के उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र संशेधित अधिनियम 1981 के नियम-3 (6) के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा दस हजार रूपए का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत, जिनका कोई संबंध किसी नदी, नाले से नहीं है के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नही होंगें।

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