जशपुर जिले में जनजाति समाज के पूजा स्थलों से मूर्तियों की चोरी होने के मामले बेहद गंभीर : भाजपा

मूर्तियाँ वापस करने की मांग पूरी नहीं होने पर लॉकडाउन के बाद प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी
cg09news रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता द्वय सच्चिदानंद उपासने व संजय श्रीवास्तव ने प्रदेश के जशपुर जिले में जनजाति समाज के पूजा स्थलों से मूर्तियों की चोरी होने के मामले को बेहद गंभीर बताया है। श्री उपासने व श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों ने प्रशासन और सरकार पर मूर्तियों को जबरन चोरी करने का आरोप लगाया है। जशपुर के ग्राम धरधरी में सैकड़ों वर्षों पुरानी दो मूर्तियां चोरी हुई है जिससे वनवासी समाज में काफी आक्रोश है। भाजपा प्रवक्ता ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए इस बात पर हैरत जताई कि पुलिस में शिकायत किए जाने के बावज़ूद इस मामले में एफआईआर पंजीबद्ध नहीं की गई है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता द्वय उपासने व श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन के चलते चूँकि धर्मस्थलों पर पूजा-पाठ बंद है, इसका ग़लत फ़ायदा उठाकर जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम कांची, धरधरी, बिरला, केसरा-टेम्पू, पत्थलगाँव विकासखंड के ग्राम रेड़े में मूर्तियों की चोरी के काम को अंजाम दिया गया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि सदियों से वनवासी समाज की अपने सरना-स्थल पर अगाध श्रद्धा और विश्वास है। क्षेत्र में किसी भी तरह की समस्या आने पर वनवासी इस सरना-स्थल पर सामूहिक पूजा-पाठ करते आ रहे हैं। उनका अटूट विश्वास है कि इस पूजा-पाठ से क्षेत्र के ग्राम अकाल और किसी भी प्रकार की महामारी से सुरक्षित रहते हैं। ऐसे आस्था केन्द्रों से मूर्तियों की चोरी होने से वनवासी समाज विभिन्न अनिष्ट की आशंकाओं से सहमे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता द्वय उपासने व श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम धरधरी के ग्रामवासियों से मूर्ति मांगने के लिए तहसीलदार, सीईओ और सचिव गए थे। ग्रामीणों के मना करने पर दूसरे-तीसरे दिन वहाँ से मूर्तियाँ चोरी हो गईं । ग्रामीणों ने थाना चौकी आस्ता में एफआईआर करवाई लेकिन एक माह बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्राम धरधरी में मूर्ति ढूँढ़ने के लिए गई पुलिस टीम ने सरकार बदलने के साथ ही नियम बदलने की बात कहकर ग्रामीणों को असमंजस में डाल रखा है। प्रवक्ता द्वय ने 26 मई को ग्राम हर्राडीपा ग्वालीन सरना से हुई मूर्ति चोरी को चिंतनीय बताते हुए कहा कि वहाँ मूर्ति लेने वाले लोग एक पिक-अप वाहन में पहुँचे थे। पता चलते ही सभी ग्रामवासी एकत्रित हो गए और उन्होंने मूर्ति लेने आए लोगों का घेराव किया। ग्रामीणों के पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें कलेक्टर ने भेजा है। इन लोगों में एक समुदाय विशेष की महिला भी थी जो हिन्दू देवी-देवताओं के सम्बन्ध में अभद्र टिप्पणियाँ कर रही थी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण अब दिन-रात अपने पूजास्थलों की रखवाली कर रहे हैं।



