आमसभा को रोकने की कोशिश पर अग्रवाल सभा के कार्यकारिणी सदस्य का कड़ा एतराज, कहा- अध्यक्ष पद के चुनाव में होने वाली हार की बौखलाहट…

रायपुर। अग्रवाल सभा की आमसभा से पहले अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर को लेकर सियासत चरम पर है. प्रतिष्ठित संगठन के अध्यक्ष पद पर निगाहें रखे हुए लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव की प्रक्रिया को टालकर पुरानी एक कमरे में निर्णय लेने वाली व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए एक गुट तमाम हथकंडे अपना रहे हैं, जिसका समाज के तमाम लोग विरोध कर रहे हैं.अग्रवाल सभा के कद्दावर और निष्पक्ष पदाधिकारियों में से एक कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन अग्रवाल ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में सीधे-सीधे सुरेश गोयल गुट की मंशा पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आज सुरेश गोयल गुट 50 रुपए सदस्यता शुल्क न लेने पर सवाल उठाते हुए पूरी सदस्यता सूची को निरस्त कहने की बात कह रहा है, जबकि सदस्यता शुल्क में छूट का प्रस्ताव कार्यकारिणी की बैठक में स्वयं सुरेश गोयल ने रखा था, और अब उनका ही गुट इस बात का विरोध कर रहा है. इस तरह से दोतरफा बात करने की समाज में काफी चर्चा और असंतोष है.मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि समाज एक वृहद परिवार होता है. अग्रवाल सभा से लोग जुड़ने वाले लोग अग्रवाल ही तो हैं, फिर उनके शामिल होने पर आपत्ति कैसी. समाज के संविधान में 50 रुपए सदस्यता शुल्क की बात कही गई है, लेकिन इसमें यह भी प्रावधान है कि कार्यकारिणी चाहे तो इसमें छूट प्रदान कर सकती है. इस संबंध में 29 मई को हुई सभा की बैठकर में प्रस्ताव पारित हुआ था, उसमें स्वयं सुरेश गोयल ने शुल्क में माफी का प्रस्ताव दिया था, इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ था.उन्होंने सीधे-सीधे आक्षेप लगाया कि कुछ लोग प्रक्रिया की आड़ में आमसभा को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे अध्यक्ष पद का चुनाव न हो. अब तक आम सहमति के नाम पर कुछ लोग बंद कमरे में किसी व्यक्ति का नाम अध्यक्ष पद के लिए तय कर लिया करते थे, लेकिन अब लोग की इच्छा है कि आमसभा में अध्यक्ष का चयन हो. उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने पर किसी पर रोक तो है नहीं. दरअसल, अध्यक्ष पद के लिए सक्षम प्रत्याशी नहीं होने की वजह से हार तय नजर आ रही है, जिससे बौखलाकर वे इस तरह की हरकत कर समाज में एकाधिकार की कोशिश कर रहे हैं.



