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अन्नदाता परेशान कैसे होगी धान की खरीदी : भूनेश्वर चंद्राकर

कवर्धा जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा भूनेश्वर चंद्राकर ने राज्य की भूपेश सरकार को धान खरीदी के लिए विफल बताते हुए कहा की राज्य की भूपेश सरकार एक दिसम्बर से किसानो का पचीस सौ रुपये प्रति क्विंटल के दर से धान खरीदी करने जा रही है, जिले के 94 धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी को लेके कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है, वही सुसायटी में कार्यरत सभी कर्मचारी विगत कई माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल में है ऐसे में धान खरीदी समय से कैसे होगा ये सोचने वाली बात है, वही पिछले साल के धान खरीदी की बात करें तो आज तक जिले के कई सुसायटीयो में आज भी धान का नहीं किया गया है और नही किसानों के धान के रख रखाव के लिए चबूतरा का निर्माण किया गया है. ऐसे में सरकार किसानों का धान खरीदी करने में विफल नज़र आ रही है पिछले साल राज्य के कांग्रेस सरकार द्वारा जो किसान भाइयों का धान 2500 रुपये प्रति क्विंटल के दर से खरीदी किया गया था उसका आज परियंत तक एक किस्त का राशि बकाया है, वही भूपेश सरकार अन्य राज्य के चुनावी सभा में खोकले वादे करके किसानों को लुभाने में लगी है वही राज्य के किसानों की हाल किसी से छुपी नहीं है इस वर्ष धान खरीदी की बात करे तो जिले में ( 106846 ) एक लाख छँ हजार आठ सौ छियालीस किसान भाइयों का कुल ( 105711.694 ) हेक्टर में धान का पंजीयन दर्ज किया गया है, इस प्रकार ( 44.89 ) लाख क्विंटल धान राज्य सरकार द्वारा जिले के किसानों से खरीदी किया जाना है जिसके लिए ( 1 करोड़ बारह लाख) बरदाने की आवश्यकता पड़ेगी ऐसे में पिछले साल की बात करे तो जो बारदना संकट किसान भाइयों को झेलना पड़ा था आज वह संकट किसानो कर ऊपर फिर से आने वाला है, आपको बता दे की जिले के किसान भाइयों द्वारा पिछले वर्ष धान खरीदी में लगभग 9-10 करोड़ स्वयं के बरदाने से धान सुसायटियो तक पहुंचाया गया था इसके बदले राज्य सरकार ने किसानो को प्रति बारदाना 15 रुपय के दर से पैसा देने का वादा किया गया था जो आज तक उस बरदाने की राशि किसान भाइयों को प्राप्त नहि हुई है, आज सरकार पुनः एक दिसम्बर से धान खरीदी करने जा रही है, इसका मतलब बारदाने को लेके मामला साफहै की किसानों को अपने बरदाने से धान सुसाय टी तक पुनः पहुँचाना होगा क्यों की राज्य की भूपेश सरकार बारदाना खरीदी करने में सक्षम नहि है ऐसा प्रतीत होता है और ये लाज़मी है क्यों की हर एक कार्य के लिए राज्य के सरकार द्वारा आर.बी.ई की और कर्ज के लिए ताकना यह सरकार की वित्तीय व्यवस्था को दर्शाती है, आज प्रदेश सरकार का हाल आप सभी से छुपा नहीं है राज्य के सरकार के ऊपर आज लगभग सत्तर हजार करोड़ का कर्ज़ इस बात को बया करती है।

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