छत्तीसगढ़ विशेषदुर्ग जिला

पार्षद मर्डर केस में बहन ने किया थाने के बाहर हंगामा, नहीं मिले अभी तक सबूत

18 नवम्बर 2021| भिलाई में चरोदा नगर निगम के वार्ड दो के पार्षद सूरज बंछोर की हत्या के मामले में 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस बीच पुलिस की जांच को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को पुलिस ने डेमो किया और वारदात स्थल पर पड़े सूरज के खून का सैंपल लिया। इस पर दूसरे दिन सैंपल लेने से परिजन आक्रोशित हो गए। परिजन भिलाई तीन थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। सूरज की बहन रश्मि वर्मा सहित अन्य परिजनों ने हत्या मामले की जांच में देरी का आरोप लगाया।

रश्मि वर्मा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनके भाई का कत्ल सोमवार की रात हुआ था। पुलिस को ब्लड और अन्य सैंपल मंगलवार को लेना था, लेकिन एक दिन बाद बुधवार को सैंपल लेने का क्या मतलब है। रश्मि ने आरोप लगाया सूरज का मोबाइल ऑटो कॉल रिकॉर्डिंग वाला था। उसके मोबाइल का पता पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है। अगर भाई का मोबाइल मिल जाता है तो सारी सच्चाई अपने आप खुल जाएगी। पुलिस ने गुस्साए परिजनों को समझाया उसके करीब एक घंटे बाद परिजन वहां से घर लौटे। आरोप है कि जिस जगह पर सूरज की हत्या हुई वहां पर उसके चप्पल और सिगरेट का जला हुआ टुकड़ा पड़ा था। जैसे ही आईजी घटना स्थल पहुंचे एक सिपाही ने सिगरेट के टुकड़े को घटना स्थल से क्यों हटाया। आखिर वह जांच में अहम सबूत भी हो सकता था। यह भी आरोप लगाया गया कि हमला करने के बाद सूरज जब गिरा तो उसके चप्पल इधर उधर क्यों नहीं हुए। ऐसा लग रहा है मानों उन्हें किसी ने वहां रखा हो।

 भिलाई तीन थाने में सीएसपी सहित लगभग 6 टीआई और सिपाहियों की अलग-अलग टीम आरोपियों को पकड़ने में लगी है। इसके लिए गांव के लगभग 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इतना ही नहीं करीब 8-10 मुख्य संदेहियों को भिलाई तीन थाने में बुलाकर पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने लगभग 25-30 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले हैं| पुलिस ने बुधवार को घटनास्थल का डेमो किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि अगर कातिल वारदात को अंजाम देने के बाद तेज चाल में मेन रोड की तरफ जाता है तो उसे एक मिनट का समय लगेगा। अगर वो सामान्य चाल से भी जाता है तो डेढ़ मिनट में पहुंच जाएगा।

पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आ रही है कि सूरज की मौत घटनास्थल पर ही लगभग रात 9.30 बजे हो गई थी। उसकी मौत पीठ में गुप्ती नुमा नुकीले हथियार की चोट से हुई। गुप्ती नुमा हथियार 7 इंच से ज्यादा गहराई तक घुस जाने से हार्ट और फेफड़े को डैमेज कर दिया। इससे अधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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