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कवर्धा : राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र को मूलभूत सुविधाएं नही मिल रही,क्यो जानिए कैसे…जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं…

जान जोखिम में डाल नाला पार कर स्कूल जाते हैं बैगा बच्चे

ग्राम पंचायत शंभूपीपर के आश्रित ग्राम महलीघाट का मामला

राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र कहे जाने वाले बैगा आदिवासियों को आज भी मूलभूत सुविधाओं से जुझना पड़ रहा है कई गांव ऐसे हैं जहां आज भी पुल पुलिया का अभाव है ऐसे में स्कूली विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बोड़ला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम पंचायत शंभूपीपर के आश्रित ग्राम महलीघाट में नाला पारकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है. इस दौरान कभी भी पानी का तेज बहाव आने पर बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है. इस समस्या के निराकरण के लिए वनचलके ग्रामीणों ने अनेक पार जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है.

जनप्रतिनिधि नहीं दते ध्यान

ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को कई बार आवेदन देकर पुल, पुलिया व रपटा निर्माण की मांग कर चुके है लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया. इसके चलते अब बच्चे जान जोखिम में डालकर नाला पारकर स्कूल जा रहे है. इसे लेकर •परिजन बच्चों को लेकर हमेशा दहशत में रहते हैं. पालकों का कहना है कीशासन प्रशासन के द्वारा इस नाले पर छोटा पुलिया का निर्माण भी कर दें तो बच्चों को आवाजाही में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. .

है. वनांचलवासियों ने बताया कि यहां के नौनिहालों को स्कूल जाने के लिए नाला पार करके जाना पड़ता है. जंगली नाला होने के कारण तेज बहाव व बाढ़ आने पर बहने की आशंका बनी रहती है. कीचड़ से सनी मार्ग होने के कारण बच्चों के पैर फिसल जाने से गिरने की समस्या आम है.

महलीघाट में शासकीय प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है।

जहां गांव के लगभग 40 से अधिक बच्चे प्रतिदिन पढ़ने के लिए जाते हैं. स्कूल जाने के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी छोटे-छोटे बच्चों को हो रही है. गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जाने खतरें के बीच नाले को पारकर स्कूल जाते हैं नाले में पानी इस समय अधिक है जिसके चलते छोटे बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

ग्राम महलीघाट के बच्चों में स्कूल जाकर पढ़ने का ऐसा जूनून सवार है कि वे बरसात के मौसम में जब बारिश होती है तब भी स्कूल जाना नहीं छोड़ते लेकिन इसगांव में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. स्कूल जाने के दौरान बच्चों को नाला पारकर जाना पड़ता है जिसमें हमेशा ही पानी का जमावड़ा रहता है सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के समय रहती है आसपास के गांवों से

बारिश का पानी इस नाला से होकर गुजरता है जिसके कारण इस नाले का जल स्तर बढ़ जाता है और इसमें पारकर जाने के दौरान कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है ऐसे में जिम्मेदार कौन होगा यह सवालिया निशान है क्योंकि इस समस्या के निदान के लिए वनांचलवासियों के द्वारा अनेक बार जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा

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