बिलासपुर जिला

बिलासपुर के पति-पत्नी बनेंगे डिप्टी कलेक्टर:सहायक जेल अधीक्षक पति से एक कदम आगे निकली DSP पत्नी, सृष्टि ने दूसरी और सोनल ने तीसरी रैंक की हासिल; गगन को चौथा स्थान

CGPSC परीक्षा के टॉप-5 में बिलासपुर से 3 लोगों ने जगह बनाई है। इसमें पति-पत्नी भी शामिल है। शहर में पदस्थ DSP सृष्टि चंद्राकर को दूसरी, जबकि उनके पति सहायक जेल अधीक्षक सोनल डेविड को तीसरा स्थान मिला है। इससे पहले दोनों 2015 में दोनों का चयन सहायक जेल अधीक्षक के रूप में हुआ था। वहीं गगन शर्मा ने चौथा स्थान हासिल किया है।

चकरभाठा थाने में पदस्थ CSP सृष्टि चंद्राकर बताती हैं कि उन्होंने 2016 में फिर परीक्षा दी और पास कर DSP पद पर चयनित हो गईं थी। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद 2012 में पहला प्रयास किया था, पर सफल नहीं हुईं। अब पति-पत्नी दोनों डिप्टी कलेक्टर बनेंगे। सोनल के पिता और सृष्टि के ससुर सुनील डेविड इसी साल 30 जून को DSP पद से रिटायर हुए हैं।

सहायक जेल अधीक्षक सोनल डेविड ने बताया कि वे लगातार PSC की परीक्षा दे रहे हैं। 2017 में उनका चयन सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख में भी हुआ था, पर जॉइन नहीं किया।
सहायक जेल अधीक्षक सोनल डेविड ने बताया कि वे लगातार PSC की परीक्षा दे रहे हैं। 2017 में उनका चयन सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख में भी हुआ था, पर जॉइन नहीं किया।

हर साल की तरह इस साल भी दी परीक्षा
चकरभाठा CSP सृष्टि चंद्राकर ने इस साल भी PSC की मेंस की परीक्षा दी है। वहीं, उनके पति भी PSC परीक्षा में शामिल हुए थे। सहायक जेल अधीक्षक सोनल डेविड ने बताया कि 2015 में सहायक जेल अधीक्षक चयनित होने के बाद वे लगातार PSC की परीक्षाएं दे रहे हैं। 2017 में उनका चयन सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख में भी हुआ था। इस पोस्ट पर उन्होंने जॉइनिंग नहीं ली।

गगन (चेक शर्ट में) ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छाशक्ति बचपन से थी।
गगन (चेक शर्ट में) ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छाशक्ति बचपन से थी।

नायाब तहसीलदार गगन ने भी लगातार जारी रखी तैयारी
गगन ने बताया कि उनका पूरा परिवार बिलासपुर के गंगा नगर सेक्टर दो में निवासरत है। पिता प्रभात कुमार CSEB में कार्यरत हैं। मां मंजू शर्मा गृहणी है। एक छोटा भाई अभिनव वर्तमान में हिदायतुल्ला विश्वविद्यालय रायपुर में लॉ की पढ़ाई कर रहा है। परिवार में एक छोटी बहन भी है जिसकी शादी हो चुकी है। गगन ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छाशक्ति बचपन से थी।

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