एजेंटों के बिना लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल:तिलई में 8 एकड़ पर बनेगा ई-टेस्टिंग ट्रैक, फिटनेस सेंटर और आरटीओ ऑफिस

- क्योंकि सरकार सिस्टम अपग्रेड कर निजी कंपनी को देगी काम
तिलई में एनएच से सटे शासकीय छात्रावास से तीन सौ मीटर दूर राजस्व विभाग को शासन से 8 एकड़ भूमि आवंटित की जा रही है। इस भूमि पर परिवहन विभाग द्वारा ट्रायल के लिए ई-टेस्टिंग ट्रैक, फिटनेस सेंटर और नया आरटीओ कार्यालय बनाया जाएगा। भूमि आवंटन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।
यह प्रक्रिया पूरी होते ही प्रस्ताव रायपुर मुख्यालय को भेजा जाएगा। सब कुछ सही रहा तो डेढ़ साल के भीतर विभाग नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। इसके बनने के बाद विभाग में एजेंटों का दखल कम होगा। वर्तमान में लाइसेंस बनवाने, फिटनेस कराने से लेकर परिवहन विभाग के 22 तरह के काम एजेंट दोगुना पैसे लेकर कराते हैं, जबकि स्वयं कार्यालय पहुंचकर यह कार्य कराने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विभाग में एजेंटों के दखल को कम करने प्रदेश के सभी जिलों में इलेक्ट्रानिक टेस्टिंग ट्रैक बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी परिवहन अधिकारियों को स्थल चयन कर प्रस्ताव भी मंगाए गए थे। जिले से भी परिवहन विभाग ने इलेक्ट्रानिक टेस्टिंग ट्रैक, फिटनेस सेंटर और कार्यालय का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। तिलई छात्रावास के नजदीक 8 एकड़ जमीन राजस्व विभाग से परिवहन विभाग दी है। नए अपग्रेडेड सिस्टम के शुरू होने के बाद विभाग के कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। लगभग विभाग की सभी सेवाओं के नियमों में परिवर्तन भी किए जाएंगे।
कंपनी के एक्सपर्ट करेंगे कलपुर्जों की जांच
विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि परिवहन विभाग रायपुर द्वारा ई-टेस्टिंग ट्रैक और फिटनेस की जिम्मेदारी एक निजी ऑटोमोबाइल कंपनी को दी जा रही है। यह कंपनी वाहनों के कलपुर्जों की जांच के अलावा ई-टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन चालकों की परीक्षा लेगी। यह टेस्ट पास करने वालों को ही सर्टिफिकेट और लाइसेंस दिया जाएगा। आने वाले दो साल के भीतर यह सिस्टम पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। तािक सही तरीके से टेस्ट लेने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा सके।
इलेक्ट्राॅनिक टेस्टिंग ट्रैक इसलिए कारगर
इलेक्ट्रानिक टेस्टिंग ट्रैक पर ऑटोमेटिक कैमरे और सेंसर मशीन लगी है। ये कांक्रीट में एंगल से जुड़े होते हैं। ट्रैक पर बाइक या कार ड्राइविंग के लिए लाइसेंस बनवाने टेस्ट देने वाला जैसे ही परिवहन नियम टूटते ही कंट्रोल रूम में बैठे व्यक्ति को सूचना पहुंचेगी। तीन बार से ज्यादा नियम टूटने पर अनुत्तीर्ण माने जाएंगे। ।
अभी ड्राइविंग टेस्ट के लिए पर्याप्त जगह नहीं
वर्तमान में परिवहन विभाग के पास ड्राइविंग टेस्ट के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कार्यालय के सामने खाली मैदान में भारी वाहनों के फिटनेस की वजह से सड़क पर टेस्ट लेना पड़ता है। इतना ही नहीं फिटनेस के लिए एक साथ बहुत सारे वाहन आ जाए तो उन्हें भी सड़क पर खड़े करने पड़ते हैं। इससे खासी दिक्कत होती है।
अंतिम चरण में प्रक्रिया
परिवहन विभाग के कामकाज को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से तिलई में एक ही जगह पर सभी सुविधाएं होगी। यहां ई-ट्रैक, फिटनेस सेंटर और परिवहन विभाग कार्यालय होगा। इसके लिए शासन से 8 एकड़ जमीन तिलई में प्रस्तावित है, जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। इसके बाद मुख्यालय की अनुमति लेकर काम शुरू किया जाएगा।
-आनंद शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी जांजगीर



