निर्देश दिए:कलेक्टर ने बालाछापर और इचकेला में हो रही गिरदावरी का लिया जायजा

कलेक्टर महादेव कावरे ने शुक्रवार को राजस्व विभाग और कृषि विभाग के टीम के साथ जशपुर विकास खण्ड के बालाछापर और इचकेला के किसानों के खेतों का अवलोकन किया। गिरदावरी करने वाले दल को बेहतर तरीके से गिरदावरी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी के लिए गिरदावरी बेहतर तरीके से किया जाना बेहद जरूरी है। गुरुवार को बालाछापर के खसरा नम्बर 69/1 रकबा 0.7750 शिशिर सिंह परमार, खसरा नम्बर 68 सुखचंद, खसरा नम्बर 181 गुरूदेव, खसरा नम्बर 180, 178/2 अशोक के खेतों का निरीक्षण करके धान, उड़द, मूंगफली के फसल का अवलोकन किया गया। कलेक्टर खेतों में पहुंचकर फसल की राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी की जांच पड़ताल की। कलेक्टर ने गिरदावरी रिकार्ड का खेतों में खड़ी फसलों के साथ मौके पर मुआयना करते हुए मिलान किया।
संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व विभाग के कर्मचारियों को हर खेत का रिकार्ड पूरी तरह से अपडेट रखते हुए रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। खेतों का निरीक्षण करते हुए कहा कि हाल ही में की गई गिरदावरी की जांच पड़ताल पूरी तरह से सही तरीके से हो इसके लिए वे स्वयं हर पहलू पर मानिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गिरदावरी के माध्यम से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर किसानों के हितों का ध्यान रखा जाता है, ऐसे में किसानों को उनके खेतों की वास्तविक स्थिति अनुसार राहत मिले इसके लिए सरकार सजग है। गिरदावरी की जांच पड़ताल के साथ ही किसानों के हितों में सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं।
मौके का मुआयना करते हुए पटवारी के टैब में एकत्रित किया गया फसली ब्यौरा भी देखा व जांच की। पूनिया ने कहा कि फसल गिरदावरी के माध्यम से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर ही फसल की खरीद, परिवहन,भंडारण सहित अन्य किसान हितैषी नीति बनाने में मदद मिलती है। फसली रिकार्ड सिचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, बीज, खाद आदि की व्यवस्था करने में भी सरकार को आसानी होती है। कलेक्टर ने कहा कि खेत के आस-पास के रोड़, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र आदि मार्गो को छोड़ करके गिरदावरी करने के निर्देश दिए हैं।



