एमआईसी बैठक:4 सामुदायिक भवन बनेंगे, सारंगढ़ बस स्टैंड में खुलेगी दवा की दुकान

- शहर के विकास के लिए सभी 12 एजेंडे को सदस्यों ने दी मंजूरी
बुधवार को एमआईसी बैठक नगर निगम के महापौर कक्ष में हुई, जिसमें निगम की महापौर जानकी काटजू, आयुक्त एस जयवर्धन एवं एमआईसी सदस्य सहित अन्य अफसर शामिल हुए। बैठक में 12 एजेंडे परिषद में रखे गए, जिसमे सभी को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इससे सारंगढ़ बस स्टैंड में सस्ती दवा दुकान खुलने का रास्ता साफ हो गया। बैठक में चार वार्डों में सामुदायिक भवन बनाने के प्रस्ताव को पास कर दिया।
एजेंडे के अनुसार वार्ड क्रमांक 24 एवं 48 हाउसिंग बोर्ड कार्यालय से बोईरदादर चौक तक एवं वार्ड 22 व 23 में चक्रधर नगर चौक से स्टेडियम तक सड़क मरम्मत के लिए 15 वे वित्त आयोग से राशि की मंजूरी लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में 999.88 लाख रुपए की 125 कार्यों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। इससे वार्ड क्रमांक 11 में 26.90 लाख रुपए ,वार्ड क्रमांक 9 में 26.80 लाख रुपए, वार्ड क्रमांक 14 में 26.90 लाख रुपए और वार्ड क्रमांक 4 में 26.90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन बनाने को मंजूरी शामिल है।
जल सप्लाई और मरम्मत के लिए 19.50 लाख
बैठक में शहर की जल सप्लाई व्यवस्था के लिए 450 से अधिक सबमर्सिबल पंप व 250 से हैंडपंप की मरम्मत के लिए 19.50 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना धनवंतरी अंतर्गत पुराना सारंगढ़ बस स्टैंड में सस्ती दवा की दुकान संचालित करने का फैसला लिया गया।
अपात्र घोषित करने से पहले पार्षदों से लेंगे रिपोर्ट
राष्ट्रीय परिवार सहायता की सूची अनुसार 34 प्रकरण में 22 जरूरतमंदों की सहायता करने निर्णय लिया गया। इसके अलावा सदस्यों ने फैसला लिया कि अगली एमआईसी की बैठक में अपात्र की सूची शामिल नहीं की जाएगी। बैठक के पूर्व संबंधित वार्ड पार्षद से अपात्र लोगों के संबंध में चर्चा की जाएगी।
सभी एजेंडे को मंजूरी दी गई : महापौर
सभी बारह एजेंडे को मंजूरी दी गई है। इसमें सड़क की मरम्मत के लिए 15 वे वित्त आयोग से राशि की स्वीकृति ली जाएगी। परिवार सहायता अंतर्गत केवल पात्रों के नाम सूची में शामिल करने कहा गया है। अपात्रों के नाम का सर्वेकर संबंधित वार्ड के पार्षद से चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। वार्ड क्रमांक 4 ,9,11,14 के सामुदायिक भवन निर्माण बनाया जाएगा, वही छत्तीसगढ़ सरकार की धन्वंतरि योजना के संचालन स्थल के लिए भी मंजूरी दी गई।
– जानकी काटजू, महापौर, नगर निगम



