इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर की गई कार्रवाई:दुष्कर्म पीड़िता का समय पर मुलाहिजा नहीं, सीएस, बीएमओ, डॉक्टर को नोटिस

पामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव की दुष्कर्म पीड़िता पांच साल की मासूम बच्ची का मुलाहिजा नहीं होने के कारण उसे सिम्स रेफर करना पड़ा था। मामले में सीएमएचओ ने जिला अस्पताल के सीएस, बीएमओ पामगढ़ व पामगढ़ अस्पताल में पदस्थ लेडी डॉक्टर को शो काज नोटिस देकर तीन दिनों में जवाब मांगा है। रविवार की रात पामगढ़ थाना क्षेत्र के एक ग्राम में एक व्यक्ति ने रिश्तेदार को शराब लाने के लिए भेजकर घर में अकेली पांच साल की उसकी मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जब मासूम का पिता लौटा तो वह रो रही थी।
घटना को समझ कर मासूम का पिता अपनी बेटी को लेकर रात में ही थाना पहुंचा। पुलिस पीड़िता को लेकर सीएचसी पामगढ़ पहुंची। यहां उसका इलाज नहीं होने पर पुलिस देर रात उसे लेकर जिला अस्पताल आ रही थी किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सीएचसी पामगढ़ में इलाज कराने के लिए वापस बुलाया गया। देर रात मासूम का इलाज वहां हुआ। वहां पदस्थ डॉक्टर ने उसका मुलाहिजा किया किंतु बेहतर ओपिनियन के लिए उन्होंने अपनी टिप्पणी के साथ उसे जिला अस्पताल या सिम्स रेफर कर दिया। पुलिस सोमवार को उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां भी डीएमएफ से एक महिला डॉक्टर की पदस्थापना की गई है। वह भी अस्थायी हैं, उन्होंने भी मुलाहिजा नहीं किया। जिला अस्पताल में भी मुलाहिज नहीं हो पाने की स्थिति में उसे सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। यह खबर दैनिक भास्कर ने पांच साल की बच्ची को मुलाहिजा के लिए कटवा रहे अस्पताल के चक्कर शीर्षक से प्रकाशित किया। इसके बाद सीएमएचओ डॉ. एसआर बंजारे ने सीएस, बीएमओ पामगढ़ व पामगढ़ की डॉक्टर को शोकाज नोटिस दिया है।



