राजनांदगांव जिला

एहतियात जरूरी:बॉर्डर पर फिर सख्ती; महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा से आने वाले यात्रियों पर नजर

  • महाराष्ट्र में रोजाना 4500 नए मरीज मिल रहे, इस वजह से अफसरों को किया अलर्ट
  • एक ही सप्ताह में 31 हजार से ज्यादा नए केसेज आ चुके हैं, एक ही सप्ताह में 31 हजार से ज्यादा नए केसेज आ चुके हैं

महाराष्ट्र में कोरोना के रोजाना 4500 नए केसेज सामने आ रहे हैं। यहां एक ही सप्ताह में 31 हजार से ज्यादा पेशेंट आ चुके हैं। महाराष्ट्र से लगा हुआ राजनांदगांव जिला है, इस वजह से अब यहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। मंगलवार को कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने इस संबंध में अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा से आने वाले यात्रियों पर निगाह रखी जाए।

कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है। सावधानी में ही सुरक्षा है। आने वाले समय में कृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी के साथ अन्य प्रमुख त्योहार भी हैं। इस वजह से आम नागरिकों को भी सजग रहने की आवश्यकता है। कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों में अभी भी लॉकडाउन की स्थिति है। हमें महाराष्ट्र के शहरों नागपुर एवं भंडारा से आने वाले यात्रियों पर नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से लगे अंतरराज्यीय सीमा में मॉनिटरिंग निरंतर करते रहें। जिले में अब तक लगभग 8 लाख 87 हजार व्यक्तियों को वैक्सीन लग चुका है। व्यापक टीकाकरण अभियान चलाकर कोरोना से सुरक्षा के लिए सभी का टीकाकरण कराना है।

खाद की जमाखोरी पर कार्रवाई होगी
कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि किसानों को खाद खरीदने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निजी खाद विक्रेता के स्टाक का सत्यापन करने तथा खाद की जमाखोरी होने पर कार्रवाई करने के निर्देश डीडीए को दिए। उन्होंने कहा कि मानपुर के बाद मोहला एवं छुईखदान में सघन सुपोषण अभियान चलाया जाना है। इसके लिए तैयारी रखें। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास से रेडी-टू-ईट की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा। सभी एसडीएम को रेडी-टू-ईट चखकर उसकी गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए सुपोषण अभियान पूरी ताकत के साथ चलाना होगा, जिसमें सामुदायिक सहभागिता बहुत जरूरी है।

कुपोषित बच्चे पुनर्वास केंद्र में रखे जाएंगे
जिन बच्चों के सुपोषण की आवश्यकता हो उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में रखें। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान में बीएमओ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। बच्चों को कैल्शियम एवं आयरन देने के साथ ही टीकाकरण करना है। इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन की सक्रिय भागीदारी में रहेगी। जैविक खेती में वर्मी कम्पोस्ट से उत्पादित फसल स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है।

सावधानी रखने की आवश्यकता है: चौधरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथलेश चौधरी ने कहा कि त्योहार में कोविड-19 को ध्यान रखते हुए सावधानी रखने की जरूरत है। सभी को मास्क लगाने एवं प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुष्मान कार्ड बनना शुरू हो गया है। सभी अस्पतालों में जानकारी देने निर्देश दिए गए।

Related Articles

Back to top button