एडमिशन को लेकर शासकीय कॉलेजों में निजी कॉलेजों की अपेक्षा प्रतिस्पर्धा अधिक, सीटें नहीं बढ़ी तो करीब 30% छात्रों को एडमिशन नहीं

25 अगस्पत 2021| पहली बार आर्ट्स और बीकाम का कट ऑफ मार्क्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के समतुल्य चला गया है। सभी विषयों में सौ-सौ अंकों से शुरुआत हुई है। स्थिति यह है कि 88 फीसदी अंक में बीए, 93 फीसदी में बीकॉम के कट ऑफ मार्क्स गए हैं। गणित में 96.6 फीसदी और बायोलॉजी में 95 फीसदी अंक में पहली सूची क्लोज हुई है।
इन सबके बीच हालात ऐसे बन गए हैं कि कॉलेजों की एक-एक सीट के पीछे तीन-तीन विद्यार्थी हैं। इस बार सबसे अधिक रुझान गणित और विज्ञान में है। पिछले कुछ सालों में आर्ट्स में 65 फीसदी, बीकाम में 69 फीसदी, बीएससी गणित में 84 और बीएससी बायो में 79 फीसदी कट ऑफ मार्क्स होते रहे हैं। इस बार किताब देखकर उत्तर लिखने का मौका मिला। इसकी वजह से 12वीं के नतीजे 98 फीसदी से अधिक रहे। अधिकांश बच्चों को सौ में सौ मिले। इससे ही इस बार कट ऑफ मार्क्स बढ़ा है। एडमिशन को लेकर शासकीय कॉलेजों में निजी कॉलेजों की अपेक्षा प्रतिस्पर्धा अधिक है।
जानिए…: इस बार ज्यादा आवेदन आने के क्या हैं कारण
इस बार 18 से 20 फीसदी अधिक विद्यार्थी रहे सफल
12वीं कक्षा में वर्ष 2018 में 78.37%, 2019 में 80.96%, 2020 में 80.30% छात्र सफल हुए। वर्ष 2021 में 98.73% बच्चों को 12वीं कक्षा में सफलता मिली। सीबीएसई में भी 99.80% बच्चे सफल रहे। बीते वर्षों की तुलना में नतीजे 18 से 20% अधिक रहा।
कोविड की वजह से पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेज रहे
कोरोनाकाल को देखते ज्यादातर अभिभावक बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजना चाह रहे हैं। पहले बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, विशाखापटनम समेत अन्य शहर भेजते रहे हैं। जो बच्चे बाहर पढ़ रहे थे वह भी वापस लौट आए हैं।
प्रवेश के लिए कई बच्चों ने दो से अधिक आवेदन किए
ओपन बुक एग्जाम की वजह से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अंक मिले हैं। इसी कारण कई विद्यार्थियों ने दो से अधिक आवेदन किए हैं। हेमचंद विवि ने इस बार दो से अावेदन के विकल्प भी दिए हैं। इसकी वजह से भी आवेदनों की संख्या बढ़ी है।
समान अंक के ही एक से अधिक विद्यार्थी
प्रावीण्य सूची बनाते समय समान अंक के 5-5 विद्यार्थी सामने आए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्राचार्यों से कहा गया है कि वह बच्चों की एनएसएस, एनसीसी, खेलकूद समेत एक्स्ट्रा कॅरिकुलम को भी ध्यान दें। इसमें बोनस अंक दिए जा सकते हैं। चाहें तो संकायवार विषयों को भी प्राथमिकता देकर प्रावीण्य सूची बना सकते हैं।
10 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती हैं सीटें
हेमचंद यादव विवि की कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार करीब दो गुना से अधिक आवेदन आए हैं। शासकीय संस्थानों में प्रत्येक सीट के पीछे कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा सचिव से चर्चा की है। इसमें उन्होंने कहा है कि सीटें एकदम से नहीं बढ़ा सकते। अभी ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं तो ठीक है, लेकिन आने वाले समय में ऑफलाइन क्लास होगी तो बच्चों को बैठाना मुश्किल होगा। स्थिति को देखते हुए 10 फीसदी सीटें बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
8 सितं. को पीईटी-पीपीएचटी की परीक्षा
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने 8 सितंबर को प्री इंजीनियरिंग टेस्ट और प्री फार्मेसी टेस्ट लेने का फैसला किया है। 15 सितंबर को पीपीटी और प्री एमसीए की प्रवेश परीक्षा की तिथि निश्चित की गई है। 15 अगस्त तक इनके लिए आवेदन लिए गए हैं। इन दिनों इसके आवेदनों की स्क्रूटनी व प्रवेश पत्र बनाने का काम चल रहा है। जल्द प्रवेश पत्र भेजा जाएगा।
आईआईटी में प्रवेश के लिए अभी समय
आईआईटी भिलाई में भी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस और मेन्स के परिणामों की प्रतीक्षा है। अभी तक एडवांस की परीक्षा नहीं हुई है। मेन्स की तीन चरण की परीक्षा हो चुकी है और चौथे चरण की परीक्षा 26 अगस्त और एडवांस की परीक्षा 3 अक्टूबर को तय की गई है। इसके नतीजे आने के बाद ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिया जा सकेगा।



