रंजिश पर हत्या का शक:किराए के मकान में रहने वाली पेट्राेल पंप मालकिन का मुंह और पैर बांध गला रेता, सामान व कैश छोड़ हत्यारे ले गए कार

- सुभाषनगर इलाके के मेयर गली की वारदात, महिला का कोरबा में है पेट्रोल पंप, 2 साल से अंबिकापुर में रहती थी
शहर के सुभाषनगर इलाके के मेयर गली स्थित किराए के मकान में अकेली रह रही एक पेट्रोल पंप मालकिन की किसी ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बारे में सोमवार को तब पता चला, जब घर का ताला बाहर से बंद होने और बाउंड्रीवाॅल के गेट का ताला टूटा होने से महिला के रिश्तेदार पुलिस के साथ पहुंचे। पुलिस के साथ जब वे घर के भीतर पहुंचे तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए।
60 वर्षीय शांति पटेल का शव डायनिंग हाॅल में खून से लथपथ पड़ा था। उनके दोनों पैर बेल्ट से बंधे थे। गले को हथियार से रेता, जिससे गला आधा कट गया था। महिला के पति की मौत हो चुकी है। महिला का कोरबा के कुछ लोगों से विवाद की बात सामने आ रही है। इससे वह दो साल से अंबिकापुर में किराए के मकान में रहती थी। महिला के कुछ रिश्तेदार अंबिकापुर के गांधीनगर और बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में रहते हैं। वे ही उनकी देखरेख करते थे। रिश्तेदार कोरबा में चल रहे विवाद को लेकर हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस लूट के इरादे से मामले को जोड़कर देख रही है। महिला की कार गायब है, लेकिन हजारों रुपए नकद सुरक्षित मिले हैं।
दिन में महिला की हत्या होने की आशंका, जांच शुरू
महिला की हत्या कब हुई, इसका पता नहीं चल रहा है। पड़ोसियों ने शनिवार को दिन में कुछ लोगों को महिला की कार को ले जाते देखा है। शुक्रवार शाम को महिला अपने एक रिश्तेदार से मोबाइल पर बात हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि शनिवार को दिन में महिला की हत्या हुई होगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर से खून से सना पहसुल और चाकू मिला, पैर के भी मिले निशान
महिला के बेडरूम और डायनिंग हॉल में चारों तरफ खून फैला हुआ था। उसके पैर को बेल्ट से बांधा था। चेहरे को दुपट्टे से बांधा था। आंगन से पहसुल (सब्जी काटने का औजार) और एक चाकू मिला है। दोनों में खून लगा हुआ है। आशंका है कि इसी से हमलावरों ने गले को रेता होगा। कमरे में खाली पैर के निशान मिले हैं। पुलिस ने फिंगर एक्सपर्ट से पैर के निशान को प्रिजर्व करवा दिया है।
4 साल पहले कोरबा में चेक बाउंस, हुआ था केस
महिला के रिश्तेदार वाड्रफनगर निवासी विक्रम पटेल ने बताया कि शांति उनकी रिश्ते में मौसी लगती थी। उनकी एक बेटी है, जो दिल्ली में रहती है। वे शिक्षिका थीं, लेकिन पहले ही रिटायरमेंट ले लिया था। उनका कोरबा में एक पेट्रोल पंप और मकान है। पहले वे कोरबा में रहती थीं। मकान का एक हिस्सा किराए में हैं। किराएदार से उनका विवाद चलता है। करीब 4 साल पहले चेक बाउंस होने से उनकी मौसी पर धोखाधड़ी का केस हुआ था। इससे वे जेल चली गईं थी। जेल से छूटने के बाद वे हम लोगों के पास वाड्रफनगर आ गईं। करीब एक साल रहने के बाद वे अंबिकापुर के सुभाषनगर में किराए का मकान लेकर रहने लगी।
घर में काफी लोगों का रहता था आना-जाना
मृतका शांति किराए के घर में अकेली रहती थीं। उन्होंने काफी बड़ा मकान किराए में ले रखा था। घर में कामकाज के लिए एक नौकरानी थी। नौकरानी भी तबीयत खराब होने से पिछले बुधवार से छुट्टी पर थी। पुलिस ने नौकरानी को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। उसने पुलिस को बताया कि वह यहां करीब 4 महीने से काम कर रही थी। इनके यहां काफी लोगों का आना-जाना रहता था। उधर विक्रम ने बताया कि पेट्रोल पंप का मैनेजर भी कभी पेमेंट लेकर यहां आता था और कई बार ऑनलाइन भी खाते में पैसा डाल देता था।
एमपी नगर के मकान का विवाद लाखों रुपए लेकर रजिस्ट्री से मुकरी
शांति व शेट्टी की पहली पत्नी के बीच शेट्टी की मौत के बाद संपत्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। एमपी नगर के एक एचआईजी मकान में जहां वह रहती थी, उसकी पहली मंजिल पर एक होजियरी व्यापारी किराए पर रहते थे। उसने उनसे मकान का सौदा कर लाखों रुपए ले लिए, फिर रजिस्ट्री से मुकर गई थी। इस तरह पति की मौत के बाद लेन-देन को लेकर वह विवाद में रही।
विवाद से पुराना नाता
कोरबा के कुसमुंडा स्थित पेट्रोल पंप के असल मालिक शेट्टी ने शांति पटेल के साथ कोरबा में अपनी अलग गृहस्थी बसाई थी। उनकी पहली पत्नी और 2 बेटे का परिवार बिलासपुर में रहता था। शांति से उनको एक बेटी है। शेट्टी का निधन करीब 12 साल पहले हो गया। इसके बाद शांति पंप का संचालन करने लगी। उसका पेट्रोल पंप किराए पर देने को लेकर विकास नगर कुसमुंडा निवासी एक महिला से एग्रीमेंट हुआ और उससे लिखापढ़ी कर शांति ने 15 लाख ले लिए, लेकिन पंप किसी और को दे दिया।
रुपए वापस नहीं किए, तब पुलिस ने 26 सितंबर 2016 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जानकार बताते हैं कि उसने बाद में कुछ अन्य लोगों को भी पंप किराए पर दिया, लेकिन उनसे भी नहीं जमी। बीच में पंप बंद भी रहा, फिर उसने उसे किसी बासु को किराए पर दे दिया। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद वह अपने गृह नगर अंबिकापुर में रहने लगी।



