परेशानी की वजह बिना चयन के कर दिया टेंडर:कचरे के ढेर के बीच 1.10 करोड़ की लागत से बनाया हाइजेनिक फिश मार्केट

- जगह नहीं मिली तो गंदगी के बीच बना दिया फिश मार्केट, रास्ता भी नहीं, कचरा निष्पादन के लिए पालिका के पास भी प्लान नहीं
जिले के मछली व्यापारियों को व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय में हाइजेनकि फिश मार्केट की घोषणा की। उनकी घोषणा पर अमल भी हुआ, लेकिन निर्माण एजेंसी आरईएस के अधिकारियों की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपए के फिश मार्केट का निर्माण वहां कराया जा रहा है, जहां तक पहुंचने के लिए फिलहाल रास्ता तक नहीं है।
शहर भर का कचरा जिस जगह पर डंप होता है, उसी जगह पर यह फिश मार्केट बनाया जा रहा है। बड़ी समस्या यह है कि आरईएस व मत्स्य विभाग के अधिकारी विकल्प निकालने का दावा तो कर रहे हैं पर इतने बड़े मार्केट के लिए रास्ता निकलेगा कहां से यह किसी को पता नहीं है। ऐसे में भारी भरकम बजट में तैयार हुए फिश मार्केट को लोग ठीक उसी तरह सिर्फ पैसों की बर्बादी की आशंका जता रहे हैं, जिस तरह नगर के बाहर करोड़ों रुपए खर्च कर खिलाड़ियों के लिए अनुपयोगी स्टेडियम बना दिया गया और अब उसमें धान रखा जाता है। मत्स्य विभाग 1 करोड़ 10 लाख की लागत से कचरे के ढेर के बीच हाइजेनिक (बैक्टिरिया रहित) फिश मार्केट का निर्माण करा रहा है।
पुलिसलाइन की तरफ से रास्ता ब्लॉक
पुलिस विभाग ने पुलिस लाइन के बाजू से निकलने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया है। साफ रास्ता बंद होने के बाद अब मार्केट तक पहुंचने के लिए लोगों को पालिका द्वारा डंप कचरे के ढेर को पार करने की मजबूरी होगी। यहां मछली खरीदने वालों को गंदगी से होकर गुजरना होगा। बाजार में काम करने वालों को पूरे दिन संक्रमण का डर भी बना रहेगा।
10 लाख रुपए में कोल्ड स्टोर भी बनेगा
विभाग द्वारा बाजार का सिविल वर्क एक करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। 10 लाख रुपए से मतस्य विभाग फिश मार्केट में कारोबारियों के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाएगा। ताकि थोक मछली कारोबारी अपनी मछलियां अधिक समय तक ताजी रखी सकें, लेकिन यह सब गंदगी के बीच बाजार शुरू होने पर ही होगा।
8 ऑक्शन हॉल और 20 रिटेल शॉप
हाइजेनिक फिश मार्केट में आरईएस के इंजीनियरों ने डिजाइन किया है। इस मार्केट में थोक व्यवसायियों की मछली नीलामी के लिए 8 हॉल बनाए गए हैं। चिल्हर विक्रेताओं के लिए 20 छोटी दुकानें भी शामिल है। इसके अतिरिक्त ऑफिस, कैंटीन, शौचालय और पार्किंग की सुविधा होगी।
सीधी बात; एसएस कंवर, सहायक संचालक मत्स्य विभाग जांजगीर
सफाई कराएंगे, तभी शुरू होगा मार्केट
विभाग नगर में हाइजेनिक फिश मार्केट का निर्माण कहां पर करा रहा है?
हां हाइजेनिक फिश मार्केट का काम चल रहा है, यह मार्केट खोखरा भाठा में है।
नाम हाइजेनिक फिश मार्केट रखा गया है और निर्माण गंदगी के बीच कराया जा रहा है?
जहां हमें जगह दी गई है, हमने वही निर्माण कराया है, सफाई कराई जाएगी।
नगर पालिका के पास डंप कचरे के निष्पादन के लिए अभी कोई प्लानिंग नहीं है?
उनके पास प्लानिंग नहीं है तो क्या हुआ, थोड़े समय बाद कुछ-कुछ रास्ता जरूर निकालेंगे।
फिश मार्केट में जाने के लिए गंदगी के बीच होकर गुजरना होगा या कोई दूसरा रास्ता होगा?
मुख्य सड़क से होकर जाएगी, नहीं तो गंदगी को हटा कर रास्ता बनाएंगे?
जो जगह मिली वहीं किया है निर्माण
हमें जो जगह फिशरी डिपार्टमेंट ने दी है, हमने वहीं काम किया है। अब उन्होंने ऐसा क्यों किया है, इसके पीछे विभाग ने जरूर कुछ सोचा होगा। अभी 90 फिसदी काम पूरा हो चुका है, सितंबर के आखिर तक शेष काम पूरा कर विभाग को मार्केट हैंडओवर कर देंगे।
-एचव्ही बरेठ, सब इंजीनियर आरईएस



