बरसात नहीं होने और सूखे से परेशान लोगों ने किया देवता के बेटे का विवाह, 7 गांवों के लोग बने घराती-बराती |


20 अगस्त 2021 ,बालोद | कमकापार के पूर्व सरपंच जगदीश राम ने बताया कि 45 साल पहले जब बारिश नहीं हो रही थी और अकाल जैसी स्थिति बनी थी। उस समय सभी गांव वालों ने मिलकर तब भी देवता की शादी कराई गई थी। इस तरह से यह परंपरा काफी पुरानी है।
भीमादेव के बेटे की महुआ पेड़ के नीचे रचाई गई शादी
अपने देवता की शादी में शामिल होने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शादी को संपन्न करने के लिए गांव के लोगों ने चंदा एकत्रित किया। गाजे-बाजे के साथ ही आदिवासी रीति-रिवाज के साथ सारी रस्में निभाते हुए, भीमा देव के बेटे की शादी संपन्न कराई गई। कमकापार स्थित भीमादेव मंदिर के पास दो अलग-अलग जगह दूल्हा और दुल्हन का मंडप सजाया गया। दूल्हे का परिवार पीड़ियाल गांव से था। दुल्हन का परिवार मुड़पार गांव से था। सभी गांव के महिला और पुरुष सज धजकर परंपरा के अनुसार शादी कराई गई। इसमें वैवाहिक गीतों पर महिला-पुरुष ने अपने पारंपरिक नृत्य ढोल की थाप पर किया। जिनकी शादी हो रही थी उन देवी-देवता के स्वरूप में बड़ी लकड़ियां, पत्थर रखे गए।

बालोद जिले के कमकापार गांव में अनोखी शादी का आयोजन किया गया। यह शादी अच्छी बारिश और अकाल न पड़ने की प्रार्थना को लेकर कराई गई है। यहां सावन महीने के आखिर तक बारिश न होने के कारण हालात ठीक नहीं हैं। इसके चलते आदिवासियों की मान्यता के अनुसार गांव के देवता के बेटे की शादी कराई गई, जिसमें 7 गांव के लोग शामिल हुए।
जानकारी के मुताबिक, कमकापार में गोंड समाज के भीमादेव का प्रचीन मंदिर है। उसके आसपास के 7 गांव में कभी भी किसी तरह की समस्या आती है तो सभी गांव के प्रमुख भीमादेव के पास जाकर समाधान पूछते हैं। इस बार सावन महीने के आखिरी तक बारिश नहीं होने से परेशान आसपास के 7 गांव के प्रमुख लोग भीमादेव की चौखट पर पहुंचे। वहां पर भीमादेव का आव्हान किया गया। गांव के प्रमुख लोगों ने भीमादेव के बेटे की शादी करने का फैसला किया। मान्यता है कि प्राकृतिक आपदा आती है तो इसी तरह के अनुष्ठान अपने देवता को मनाने के लिए किए जाते हैं।
7 गांव के ग्रामीण शादी में हुए शामिल
भीमादेव की शादी में सात गांव कमकपार, पिड़ियाल, मुड़पार, कोलाटोला, टेकापार, कुरुभाट और हितापठार के ग्रामीण शामिल हुए। इस शादी के लिए शंकर मंडावी, संतराम, अमर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने कराई। वहीं बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने अपने देवता की शादी धूमधाम से कराई, जिसकी वजह से कुछ गांवों में बारिश भी हुई है।



